लखनऊ। सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के निदेशक प्रो. आलोक धवन के मुताबिक चिकित्सीय समस्याओं के समाधान के लिए मेडिकल की जानकारी के साथ ही तकनीक का ज्ञान भी जरूरी है। वे शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित हैकाथॉन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रो. आलोक धवन ने बताया कि उन्होंने दक्षिण कोरिया में ऐसी प्रतियोगिता देखी थी, जहां डॉक्टर और इंजीनियर एक साथ भाग ले रहे हों। पेटेंट अर्टानी के संस्थापक आलोक गुप्ता ने नवीन तकनीक की तलाश के बाद पेटेंट के आवेदन की प्रक्रिया पर चर्चा की। चिकित्सा संस्थान के अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि आयोजन का मकसद चिकित्सीय उपकरण विकसित करने की क्षमता को बढ़ाना है। शनिवार को विभिन्न टीमों द्वारा विकसित उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने सभी का स्वागत किया।