जिन क्षेत्रों में लाइन हानियां कम हुईं और राजस्व वसूली में सुधार हुआ है वहां सितंबर से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने फैसला किया है कि जिन क्षेत्रों से औसतन 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से राजस्व वसूली हुई होगी, वहां शहरी इलाकों में 18 से 22 घंटे और ग्रामीण इलाकों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने अधिशासी अभियंताओं की इसके लिए जिम्मेदारी तय की है। साथ ही चेताया है कि अगर किसी क्षेत्र से शिड्यूल से कम बिजली मिलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष ने सोमवार को योजना भवन में पांच घंटे से ज्यादा समय तक चली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दक्षिणांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल, पूर्वांचल एवं केस्को के अधिकारियों के साथ बिजली आपूर्ति तथा अन्य कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सितंबर से प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़कर 14000 मेगावाट के आसपास पहुंच जाएगी। लिहाजा उन इलाकों को ज्यादा से ज्यादा बिजली दी जाएगी, जहां लाइन हानियां कम हुई और राजस्व वसूली बेहतर हुई है।