साधारण सर्दी, जुकाम, बुखार है तो दिन में तीन बार एक-एक गोली पैरासिटामॉल और दिन में दो बार कोई भी एंटी एलर्जिक दवा लें। तीन दिन में राहत मिल जाएगी। इसके बाद भी फायदा नहीं हो रहा है तो फिजीशियन के पास जाएं। पांच दिन बाद भी राहत नहीं मिल रही है, दिक्कत बढ़ती जा रही हो, सांस लेने में भी दिक्कत हो रही तो फिर जरूरी हो जाता है कि इंफ्लुएंजा एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) की जांच कराएं।
जरूरी नहीं है कि हर सर्दी-जुकाम वाले और स्वाइन फ्लू मरीज के संपर्क में आने वाले को इंफ्लुएंजा एच1एन1 का संक्रमण हो। ये कहना है एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड प्रो. टीएन ढोल का।
प्रो. ढोल का कहना है कि 90 फीसदी मरीजों को मौसमी जुकाम-बुखार है। ये तीन-चार दिन में ठीक हो जाता है। यदि दवा लेनी है तो पैरासिटामॉल और एंटी एलर्जिक ली जा सकती है। इससे मरीज को तीन दिन में राहत मिल जाएगी।
ये सर्दी, जुखाम, बुखार इंफ्लुएंजा एच1एन1 सीजनल, इंफ्लुएंजा बी और इंफ्लुएंजा एच3एन2 के कारण हो सकता है। यदि पैरासिटामॉल से फायदा न हो तो फिर फिजीशियन की सहायता लेनी चाहिए। इसमें भी सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो ही मरीज की स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए और उसे अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ठीक है तो उसे स्वाइन फ्लू मरीज के संपर्क में आने पर भी बीमारी नहीं होगी।
स्वाइन फ्लू की दहशत में पीजीआई कर्मचारी
स्वाइन फ्लू का मास्क आम आदमी ही नहीं अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए भी आतंक बन गया है। सही दिशा-निर्देश और व्यवस्था न होने के कारण एक तरफ मरीजों और उनके परिवारीजनों को भटकना पड़ता है। दूसरी ओर लोगों में दहशत है।
मंगलवार को दोपहर के लगभग 3 बजे संजय गांधी पीजीआई के रिशेप्सन पर पहुंचे दो लोगों को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज के बारे में पूछते ही अछूतों जैसा व्यवहार का सामना करना पड़ा।
अपने मरीज की जांच और भर्ती के बारे में जानकारी चाहने वाले लोगों ने जैसे ही स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की जानकारी दी कर्मचारी उनसे दूर भागने लगे तो कोई मरीज के परिवारीजन को मास्क लगाकर आने की सलाह देने लगे।
स्वाइन फ्लू, क्या करें और क्या नहीं?
*मरीज और उसके संपर्की नाक और मुंह ढककर रखें
*किसी से मिलने पर हाथ साबुन से जरूरी धोएं
*खूब पानी पिएं और पोषक भोजन करें
*बार-बार नाक, मुंह और आंखें न छुएं
*भीड़ भरे इलाकों में जाएं
*मरीज से कम से कम एक हाथ दूर रहें
*एक-दूसरे से हाथ मिलाने से बचें
*जगह-जगह न थूकें
*नाक और मुंह को पूरी तरह से ढक कर ही छींके या खांसे