मिलावटखोर दूध की मोटी मलाई निकालकर उसमें कार्बोनेट (खाने का सोडा), फार्मलीन, यूरिया और खराब मिल्क पाउडर और पानी मिलाकर बेचते हैं।
ऐसे पकड़ें चोरी
दूध का अपना घनत्व होता है। शुद्ध दूध में अंगुली डालने पर वह इसमें चिपका रहेगा, जबकि पानी मिला दूध नहीं चिपकेगा। इसी तरह गर्म कर रैजोलिक एसिड डालने पर दूध का रंग लाल होने लगे तो समझें इसमें फार्मेलिन की मिलावट है। दूध में यूरिया, कार्बोनेट की पहचान लैब टेस्टिंग में ही संभव है।
त्यौहारों पर पनीर की जबरदस्त मांग होती है। ऐसे में बाजारों में सिंथेटिक पनीर खपाया जा रहा है। स्किन्ड मिल्क की बेकार व बची हुई सामग्री को गर्म पानी में घोल देते हैं और इसमें खाने वाला सोडा के साथ दोयम दर्जेे का पॉम ऑयल व बेकिंग पाउडर मिला सिंथेटिक पनीर तैयार किया जा रहा है। इसे असली के दाम पर बेच कर पांच गुना कमाई की जा रही है।
ऐसे करें पहचान
सिंथेटिक पनीर चबाने पर आसानी से नहीं कटता और रबर जैसा महसूस होता है।
धंधेबाज लाल मिर्च, धनिया पाउडर, पिसी हल्दी व गरम मसाले में सिंथेटिक रंग के साथ लकड़ी का बुरादा, लेड आक्साइड, लेड क्रोमेट और पीली मिट्टी, बटर येलो और ट्रटाजिन की मिलावट कर रहे हैं। इसके अलावा काली मिर्च में लाइट बेरी और पपीते के बीज, राई में आर्जीमोन के बीज मिलाकर बेच रहे हैं।
ऐसे करें जांच
- एथिल एल्कोहल में डालने से काली मिर्च में मिलाई लाइटबेरी ऊपर आ जाएगी। कुल मात्रा की 5 से 10 प्रतिशत अगर ऊपर आ जाए तो समझें काली मिर्च शुद्ध है। अगर इससे अधिक मात्रा में लाइटबेरी ऊपर आए तो इसमें मिलावट है।
- हल्दी में पानी मिला लें और इसे फिल्टर कर लें, फिर इसमें एचसीएल डाल दें तो यह गुलाबी रंग देगा। पानी डालने के बावजूद पिंक रहता है तो समझ जाएं कि मिटेनिल यलो मिला है। हल्दी शुद्ध है तो कोई रंग नहीं निकलेगा।
- लाल मिर्च को ईथर में भिगा लें। अगर मिर्च में कलर है तो यह ईथर में आ जाएगा। परखनली में रखकर एचसीएल डालें और अगर रंग बदल जाए तो समझें कि मिलावट है।