शोभित कहते हैं कि मेरे जीवन का उद्देश्य हिंदी की सेवा करना है। लेखन और आलोचना के क्षेत्र में खुद को कसौटी पर खरा उतारना है।
हिंदी का बड़ा आलोचक बनना है सपना
शोभित ने बताया कि हिंदी में आलोचना का क्षेत्र उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल, हजारी प्रसाद द्विवेदी और रामविलास शर्मा जैसे विद्वानों से वो बहुत प्रभावित हैं। कहते हैं कि हिंदी का बड़ा आलोचक बनना ही उनका सपना है।
नेट-जेआरएफ में हिंदी विषय में हासिल की 100 परसेंटाइल
सीतापुर जिले के आचार्यजन पुरवा निवासी शोभित ने हाल ही में नेट-जेआरएफ में हिंदी विषय में 100 प्रतिशतता (परसेंटाइल) पाकर इतिहास रचा है।
शोभित ने कहा कि यूं तो वे बहुत से हिंदी लेखकों से प्रभावित हैं और सभी को पढ़ते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा उन्हें जयशंकर प्रसाद प्रिय हैं। उन्हें पढ़ना सबसे ज्यादा अच्छा लगता है।
अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे ‘हिंदी हैं हम’ अभियान ने मेरे सपने को संबल दिया है। मुझे लगता है कि मेरे जैसे लाखों हिंदी प्रेमी युवा इस अभियान से जुड़कर हिंदी को उसके चरमोत्कर्ष तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे। -
शोभित द्विवेदी
रंगमंच से प्रेम को अभी विराम
शोभित कहते हैं कि उन्हें नाटक लिखना और रंगमंच से विशेष लगाव है, लेकिन अभी पढ़ाई के चलते रंगमंच से अभी विराम ले रखा है। शोभित फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी प्रयोग नहीं करते। कहते हैं कि इससे पढ़ाई में बाधा आती है।