वर्ष 1993 में एशियन पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप (ताइवान) में रजत पदक
वर्ष 1996 एशियन पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप (कजाखिस्तान) में रजत पदक
वर्ष 1995 वर्ल्ड जूनियर पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप (दिल्ली) में रजत पदक
वर्ष 1994 वर्ल्ड जूनियर पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप (इंडोनेशिया) में कांस्य पदक
वर्ष 2015 में रोपड़ (पंजाब) में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले रोशन कुमार को कोरोना वायरस के संक्रमण से बदहाली की स्थिति में ला दिया है। आलम यह है कि उसे अपनी मां और खुद का पेट पालने के लिए सब्जी का ठेला लगाना पड़ा। मवइया सब्जी मंडी में ठेला लगाने वाले रोशन बताते हैं कि मेरी मां बीमार है और घर की आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब हो चुकी है।
लॉकडाउन से पहले मोतीनगर में बच्चों को कराटे की ट्रेनिंग देता था, लेकिन अब सब कुछ बंद हो चुका है। यही कारण है कि मुझे मवइया सब्जी मंडी में एक दुकान खोलनी पड़ी। इससे मुझे काफी राहत मिली और मैं आने वाले वक्त में चुनौतियों के लिए तैयार है।
राष्ट्रीय स्तर की तमाम प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सुनील कुमार शहर के जाने वाले कराटे प्रशिक्षक है, लेकिन मौजूदा वक्त में उनके लिए दो जून की रोटी इकट्ठा करना बड़ी समस्या बन गया है। ऐसे में सुनील ने अपने पिता और भाई की तरह ट्रांसपोर्ट नगर में समाना ढोने का काम शुरू कर दिया है। वे बताते हैं कि इस वक्त हर खिलाड़ी की स्थिति खराब है। मेरी सभी से गुजारिश है कि वे फिलहाल अपनी लिए कोई छोटा-मोटा काम तलाश कर ले। मैं इस वक्त अपने पिता और भाई के साथ ट्रांसपोर्ट नगर में समान ढो रहा हूं, जिससे थोड़ा बहुत पैसा मिल जाता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में स्थितियां सामान्य होगी और फिर मैं कराटे की ट्रेनिंग दे सकूंगा।