पीएफआई की शुरुआत केरल से वर्ष 2006 में हुई थी। संगठन का नारा ‘नया कारवां, नया हिंदुस्तान’ है। संगठन ने कर्नाटक फोरम फॉर डिगनिटी ऑफ कर्नाटक, मनिथा नीति पसराई, गोवा सिटीजन फोरम, राजस्थान कम्युनिटी सोशल एंड एजुकेशनल सोसायटी, वेस्ट बंगाल नागरिक अधिकार सुरक्षा समिति, मणिपुर लिलांग सोशल फोरम और आंध्र प्रदेश एसोसिएशन ऑफ सोशल जस्टिस जैसे कई संगठनों को मिलाकर पूरे देश में गतिविधियां शुरू कर दीं। पीएफआई मुस्लिम आरक्षण, मुसलमानों के पर्सनल लॉ कोर्ट, मुस्लिम और जनजातियों के क्षेत्र में काम करने के अलावा वंचित मुस्लिम छात्रों को स्कॉलरशिप भी देता है।
शामली में भी एडहॉक कमेटी सदस्य समेत कई की हुई थी गिरफ्तारी
एसएसपी ने बताया कि शामली में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा के आरोप में पीएफआई की एडहॉक कमेटी सदस्य मौलाना शादाब और डॉ. नावेद के अलावा 11 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पीएफआई ने पांच महीने पहले राजधानी के खुर्रमनगर की शादाब कॉलोनी, पंतनगर समेत कई इलाकों में विवादित पोस्टर लगाए थे। रातों-रात लगाए गए इन पोस्टरों से इलाके में दहशत का माहौल था। हालांकि पीएफआई के नार्थ जोन सेक्रेटरी अनीस अंसारी ने पोस्टर में कुछ भी विवादित होने से इनकार किया था। उनका कहना था कि पोस्टर में हिंदू, उर्दू और अंग्रेजी में ‘बेखौफ जियो बाइज्जत जियो’ लिखा था।