लखनऊ। श्री जयनारायण मिश्र (केकेसी) पीजी कॉलेज ने शनिवार को 108 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को पूरा कर लिया। स्थापना दिवस समारोह में 67 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के न्यायधीश राजीव सिंह ने संस्थान से बीए, एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने वाली संयुक्ता सिंह को अध्यक्ष पदक दिया। शैक्षिक सत्र में सबसे अधिक अंक लाने वाली समन खान को प्राचार्य पदक मिला।
न्यायधीश राजीव सिंह ने कहा कि 1917 में स्थापित यह संस्था आज भी समकक्ष महाविद्यालयों में अपना विशेष स्थान बनाए है। न्यायपालिका में यहां के विद्यार्थी अच्छा काम कर रहे हैं। आगामी सत्र से कॉलेज में पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना सराहनीय प्रयास है।
यह भी कहा कि जीवन में केवल सैद्धांतिक ज्ञान होने से काम नहीं चलता। इसमें व्यवहारिकता का मिश्रण होना चाहिए। हमें जीवन में मिले अवसरों का सही इस्तेमाल करना चाहिए, नहीं तो यह कठिन हो जाता है। समारोह में प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीएन मिश्र, मंत्री जीसी शुक्ला, उप प्राचार्य केके शुक्ला, डॉ. विजयराज श्रीवास्तव, प्रो. अंशुमाली शर्मा के साथ सभी विभागों के शिक्षक व विद्यार्थी थे।
शुरू होंगे नए कोर्स
प्राचार्य प्रो. विनोद चंद्रा ने बताया कि नए सत्र से महाविद्यालय में मनोविज्ञान तथा भूगोल के साथ बीए, बीसीए, एलएलबी पांच वर्षीय व एमएससी मैथ्स के कोर्स शुरू करने की तैयारी है। एआई व मशीन लर्निंग पर आधारित एड ऑन सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया जाएगा। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय स्पोर्ट्स ग्राउंड में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
इन्हें मिला पुरस्कार
अंडर ऑफिसर साक्षी यादव व आर्यन सिंह को बेस्ट एनसीसी कैडेट का अवॉर्ड मिला। अंडर ऑफिसर निखिल चौरसिया को एनसीसी में महाविद्यालय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन, प्रशासनिक दक्षता के लिए अखिलेश सिंह चौहान स्मृति पदक मिला। शिवानी राकेश, अशमीत सिंह को बेस्ट एनएसएस वालंटियर का अवॉर्ड दिया गया। इशिका गुप्ता व जय भारत दुबे को बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन का अवॉर्ड मिला। सौरभ वर्मा को सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रतिभा संपन्न होने के लिए पदक दिया गया। कुल 67 पदकों में से 45 छात्राओं को मिले। पूर्व प्राचार्य प्रो. नागेश्वर पांडेय व पूर्व उप प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार शुक्ला को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया।