जिसके किस्से सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाए और अपनी एक दहाड़ से पूरा जू थर्रा देने वाला आदमखोर बाघ जल्द ही दर्शकों के सामने होगा।
जू प्रशासन ने ‘किशन’ को बाड़े में शिफ्ट करने की तैयारियां शुरू कर दी है। वर्ष 2009 में किशनपुर रेंज से पकड़कर लाए गए इस आदमखोर बाघ से लोग पहली बार रूबरू होंगे।
चार लोगों की जान ले चुके 10 वर्षीय आदमखोर बाघ को तब काफी मशक्कत के बाद पकड़ कर लखनऊ जू लाया गया था। किशनपुर रेंज से लाने के कारण स्टाफ ने इसका नाम भी ‘किशन’ रखा।
शुरुआत में कोरेनटाइन में रहने के बाद जू प्रशासन ने उसे उसी कोठरी में उतारा जहां पहले दबंग बाघ ‘गुड्डू किलर’ का अड्डा था, लेकिन कैंसर से ग्रस्त होने के कारण इसे अलग रखा गया।
इस दौरान जू के डिप्टी डायरेक्टर और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. अशोक ने इलाज किया और अब वो काफी स्वस्थ है।