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किडनी की बीमारियां बढ़ीं...सस्ते इलाज के रास्ते खोजें : मुख्यमंत्री

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक।  - फोटो : अमर उजाला
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किडनी की बीमारियां बढ़ीं...सस्ते इलाज के रास्ते खोजें : मुख्यमंत्री
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लखनऊ। किडनी से जुड़ी बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं। बच्चों में भी इसके लक्षण सामने आ रहे हैं। मौजूदा हालात में देश की करीब दस प्रतिशत आबादी इस गंभीर बीमारी के जोखिम क्षेत्र में है। समय रहते इस बीमारी को नहीं रोका गया तो यह व्यापक संकट का रूप ले सकती है। अब जरूरत है कि किडनी से जुड़ी बीमारियों के सस्ते इलाज खोजे जाएं। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहीं। वह पीजीआई में हुए इंडियन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किडनी मरीजों की डायलिसिस के लिए हर जिले में सेंटर स्थापित किए गए हैं। इलाज के लिए धन की कोई कमी नहीं है, क्योंकि सरकार ने 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने मिलावट को एक बड़ी समस्या बताया और कहा कि दीपावली से पहले पनीर और खोया का परीक्षण कराया गया, जिससे रोजाना 500 क्विंटल तक मिलावटी पदार्थों को नष्ट किया गया। खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने के लिए गंगा के किनारे स्थित 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा दिनचर्या को नियमित रखकर और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाकर हम बीमारियों से बच सकते हैं। जैसे गाड़ी को चालू किए बिना वह खराब हो जाती है, वैसे ही शरीर को भी चलाते रहने की जरूरत है। रोजाना 45 मिनट चलने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है। राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अधिवेशन में आए अतिथियों को लखनऊ के जायके का स्वाद लेने के लिए आमंत्रित किया।
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उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले एक बीमारू राज्य था। अब एक रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन चुका है। 2017 से पहले राज्य में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे। अब 80 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। जिला अस्पतालों में संसाधनों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि यह भूमि राम, कृष्ण, महात्मा बुद्ध, जैन और सिख धर्मों का केंद्रीय स्थल है। स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भी इसी भूमि पर बलिया से मंगल पांडेय के जरिये हुई।



रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया शुरू हुई

पीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि हमने देश में पहले इंटरवेंशनल नेफ्रोलॉजी की शुरुआत की और अब रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे ट्रांसप्लांट की सफलता दर बढ़ी है। कार्यक्रम में सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. हरवीर सिंह कोहली, सचिव डॉ. श्याम बिहारी बंसल, यूपी चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. अमित गुप्ता, सहायक अध्यक्ष प्रो. अनुपमा कौल और नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. नारायण प्रसाद ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. मोहन राजा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया और 19 डॉक्टरों को सोसायटी की फेलोशिप से नवाजा।


पहले दिन हुईं छह वर्कशॉप

प्रो. नारायण प्रसाद ने बताया कि पहले दिन 6 वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिनमें इंटरवेंशनल नेफ्रोलॉजी, ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी, क्रिटिकल केयर नेफ्रोलॉजी, ऑन्को-नेफ्रोलॉजी, पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। सभी वर्कशॉप का लाइव प्रसारण किया गया।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं मौजूद चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला

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