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प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर फॉर्म हाउस ले जाकर पीटा, क्रिप्टो करंसी से ली एक करोड़ की फिरौती, तीन गिरफ्तार

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लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र के कालिंदी पार्क वृंदावन निवासी प्रॉपर्टी डीलर अर्जुन भार्गव को अगवाकर सीतापुर के एक फॉर्म हाउस में ले जाकर पीटने और एक करोड़ से ज्यादा की रकम क्रिप्टो करंसी से फिरौती के रूप में वसूलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गत सात अगस्त को अर्जुन को अगवा किया गया था और आठ अगस्त की सुबह हाईवे पर छोड़कर आरोपी भाग गए थे। अर्जुन की पत्नी निधि भार्गव ने पीजीआई थाने में केस दर्ज कराया था।
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एडीसीपी पूर्वी सैय्यद अली अब्बास के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर अर्जुन भार्गव को अगवाकर सीतापुर के थानगांव में स्थित वीरू के फॉर्म हाउस में बंधक बनाकर पीटा गया था। परिवारीजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोपियों ने यह रकम क्रिप्टो करेंसी में मांगी थी। पत्नी निधि भार्गव ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों राजवीर सिंह, विजय प्रताप सिंह और संदीप प्रताप सिंह को कालिंदी पार्क के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्तौल, 30 हजार रुपये नकदी, कारतूस, पांच मोबाइल व कार बरामद की है।
एडीसीपी पूर्वी के मुताबिक, राजवीर सिंह और अर्जुन की पुरानी पहचान है। कुछ समय तक दोनों ने साथ में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी किया है। दोनों के बीच रुपयों को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों अलग होकर काम करने लगे थे। सात अगस्त की शाम राजवीर ने विजय प्रताप की मदद से अर्जुन को बाराबंकी में जमीन दिखाने के बहाने कालिंदी पार्क के पास बुलाया था। वहां से उसे अगवा करने के बाद आरोपी सीतापुर थानगांव स्थित वीरु के फॉर्म हाउस पर पहुंच गए। अर्जुन को रास्ते का पता न चल सके, इसलिए उसकी आंख पर पट्टी बांध दी गई थी।
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90 लाख रुपये की क्रिप्टो करेंसी खाते में वापस कराई
थानगांव स्थित फॉर्म हाउस पर पहुंचने के बाद राजवीर ने अर्जुन का मोबाइल छीन लिया। दबाव डालकर प्रॉपर्टी डीलर से उसके क्रिप्टो करेंसी वॉलेट का पिन पूछा गया। इसके बाद राजवीर ने 1.03 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। क्रिप्टो वॉलेट से बिट क्वाइन और इथीरियम क्वाइन ट्रांसफर करने के बाद आरोपी ने अर्जुन को सीतापुर हाईवे पर छोड़ दिया। इस दौरान भी प्रॉपर्टी डीलर की आंख पर पट्टी बंधी थी। अपहरणकर्ताओं के भागने के बाद अर्जुन ने पट्टी खोली। राहगीर से पूछने पर पता चला कि वह सीतापुर हाईवे पर है। किसी तरह वह पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित घर पहुंचा। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। एडीसीपी पूर्वी के मुताबिक, तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अर्जुन के खाते से ट्रांसफर हुई क्रिप्टो करेंसी जिसकी कीमत 90 लाख रुपये है, वापस करा दी गई है। वहीं, फॉर्म हाउस का मालिक वीरु फरार है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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