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लखनऊ: केजीएमयू बताएगा ब्लैक फंगस के मरीजों में कौन सी दवा कितनी कारगर

Thu, 13 May 2021 01:37 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उनकी लैब में संबंधित फंगस का कल्चर तैयार कर उसकी जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि कौन सी एंटी फंगल दवा संबंधित फंगस पर ज्यादा कारगर होगी। अभी ऐसे केसों में प्रमुख रूप से तीन दवाएं दी जा रही हैं जो काफी महंगी हैं।
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केजीएमयू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ब्लैक फंगस के मरीजों में कौन सी दवा कितनी कारगर होगी, यह केजीएमयू बताएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से ऐसे मरीजों के सैंपल मांगे गए हैं। सैंपल का एंटी फंगल टेस्ट करके यह देखा जाएगा कि संबंधित मरीज पर कौन सी दवा ज्यादा कारगर होगी।

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केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उनकी लैब में संबंधित फंगस का कल्चर तैयार कर उसकी जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि कौन सी एंटी फंगल दवा संबंधित फंगस पर ज्यादा कारगर होगी। अभी ऐसे केसों में प्रमुख रूप से तीन दवाएं दी जा रही हैं जो काफी महंगी हैं। जब सटीक दवा की जानकारी मिल जाएगी तो संबंधित मरीज का इलाज आसान हो जाएगा।

बायोप्सी सैंपल ज्यादा कारगर
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस फंगस का पता लगाने में नेजल स्वाब के बजाय बायोप्सी सैंपल ज्यादा कारगर है। स्वाब में फंगस पकड़ में कम आते हैं। उन्होंने बताया कि बायोप्सी जांच काफी जटिल है, क्योंकि इसमें मैनुअल मेथड का प्रयोग किया जाता है।

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