इसी तरह 20 मार्च को पीजीआई में भर्ती की गई कनिका कपूर की पहली रिपोर्ट भी चार अप्रैल यानी 15 दिन बाद निगेटिव आ गई। लेकिन 14 मार्च को भर्ती कराया गई महिला डॉक्टर के रिश्तेदार और 18 मार्च को भर्ती कराए गए केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर की जांच रिपोर्ट अभी तक निगेटिव नहीं आई है।
केजीएमयू की टीम उन कारणों की पड़ताल में जुट गई है जिसकी वजह से अभी तक कई मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ सकी है।
इसके लिए इलाज के पैटर्न और दी गई दवाओं को लेकर नए सिरे से रिव्यू शुरू कर दिया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं जिन मरीजों में देरी हो रही है उनमें किसी दूसरे वायरस के भी तो लक्षण नहीं हैं।
वायरस के निगेटिव होने में कई बार 21 से 27 दिन लगते हैं। ज्यादातर मरीजों में 14 दिन में संक्रमण खत्म हो जाता है। हमारी टीम किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहती। इसीलिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। इस दौरान अभी तक संक्रमण खत्म नहीं होने के कारणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। - डॉक्टर डी हिमांशु, प्रभारी संक्रमण नियंत्रण यूनिट, केजीएमयू