लखनऊ। मानक नगर में सड़क पर बेहोश मिले युवक को आखिरकार उसका परिवार मिल गया है। युवक की पहचान विशाल के रूप में हुई है जिसका केजीएमयू के शताब्जी फेज 2 में इलाज चल रहा है।
पांच अप्रैल को विशाल गंभीर हालत में मानक नगर में सड़क पर बेहोश मिला था। पुलिस कांस्टेबल धर्मवीर ने उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। जांच के दौरान उसकी जेब से आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान विशाल के रूप में हुई। न्यूरो सर्जरी विभाग प्रशासन ने आधार कार्ड पर दिए गए मानक नगर के पते पर संपर्क किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार पहले वहां किराए पर रहता था और अब उन्नाव चला गया है। उन्नाव पुलिस की मदद से विशाल के पिता से संपर्क किया गया, लेकिन पारिवारिक मनमुटाव के कारण उन्होंने देखभाल में असमर्थता जताई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इसके बाद भी हार नहीं मानी।
इसी बीच केजीएमयू के डॉक्टर व स्टाफ को जानकारी मिली कि विशाल की पत्नी अंजलि और एक बच्चा मडियांव क्षेत्र में रहते हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग के अतुल उपाध्याय ने परिवार को खोजने के प्रयास तेज किए। उन्होंने अखबार में प्रकाशित विशाल की तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा किया। यह तस्वीर आखिरकार उसके परिवार तक पहुंच गई, जिसके बाद परिजन अस्पताल में उससे मिलने पहुंचे। विशाल के परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।