लखनऊ। करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले 22 वर्षीय नीरज यादव को केजीएमयू ने निशुल्क कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराए हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह प्रोस्थेटिक हाथ नहीं लगवा पा रहे थे। केजीएमयू के फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग ने इनर व्हील क्लब और एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से 9500 रुपये जुटाए और उनके लिए कृत्रिम हाथ की व्यवस्था की।
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि नीरज जुलाई 2026 में विभाग के संपर्क में आए थे। निजी संस्थानों में प्रोस्थेटिक हाथ का खर्च लगभग 50 हजार रुपये आता है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत पीएमआर विभाग की प्रोस्थेटिक एवं ऑर्थोटिक यूनिट ने पहल की। कृत्रिम हाथ लगाने के बाद नीरज को उनके संचालन और रोजमर्रा के कामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पीएमआर विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आधुनिक पुनर्वास सेवाएं देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास जारी है। इस प्रयास में आराधना शुक्ला, शगुन सिंह, विमलेश, मनोज और शोभाराम यादव ने भी अहम भूमिका निभाई।