छह सदस्यीय समिति करेगी रिपोर्ट की जांच
अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन केजीएमयू एक्ट और विश्वविद्यालय की परिनियमावली के तहत किया जाएगा। इसमें कुलपति और कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य होंगे। दो सदस्य विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों में से नामित किए जाएंगे, जबकि दो स्वतंत्र सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे। स्वतंत्र सदस्यों के लिए वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।
समिति एसटीएफ की पूरी रिपोर्ट, उससे जुड़े तथ्यों और अभिलेखों की जांच करेगी। साथ ही संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों का पक्ष भी सुनेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय की परिनियमावली और लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासन ने भी केजीएमयू एक्ट और परिनियमावली के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।