केजीएमयू में बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर बंद करा दिया।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चार रेजिडेंट के निलंबन और नौ के खिलाफ एफआईआर होने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर मनमानी पर उतारू हैं। बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर बंद करा दिया। ऐसे में नए पर्चे नहीं बन सके और डॉक्टरों ने पुराने मरीज ही देखे। हालांकि, बातचीत के बाद पंजीकरण फिर शुरू हो गया है अब एक की जगह 2.30 बजे तक पंजीकरण होगा।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार देर रात नर्सिंग अधिकारी शुभम राव ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसके बाद नर्सिंग नर्सिंग स्टाफ के दबाव में केजीएमयू प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद चार रेजिडेंट को निलंबित कर दिया था इसके साथ ही 9 के खिलाफ थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ है। इसके बाद से रेजिडेंट डॉक्टर आक्रोशित हैं। सोमवार रात रेजिडेंट ने ट्रॉमा सेंटर में हंगामा बवाल किया था। इसकी वजह से इलाज प्रभावित हुआ था। उनकी मांग थी कि 24 घंटे में निलंबन और मुकदमा वापस लिया जाए। केजीएमयू प्रशासन ने इस मामले में डीन प्रो. वीरेंद्र आतम की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। समिति को अपनी रिपोर्ट देनी है। इससे पहले ही बुधवार सुबह से रेजिडेंट ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर बंद करा दिया। इससे इलाज की व्यवस्था पटरी से उतर गई।
दो सौ किलोमीटर से आए इलाज कराने यहां मिली निराशा
रेजिडेंट डॉक्टरों की मनमानी के चलते सैकड़ो किलोमीटर दूर से आए मरीजों का बुरा हाल हो गया। मरीज और उनके तीमारदार पर्चा बनवाने की गुहार लगाते रहे लेकिन प्रेजिडेंट नहीं पसीजे। हरदोई निवासी रजत पांडे को किडनी संबंधी समस्या थी इलाज करने के लिए वे सुबह ही केजीएमयू में पहुंच गए थे, लेकिन यहां वह अपना पर्चा ही नहीं बनवा सके ऐसे में वह निराश होकर बैठे रहे। इसी तरह लखीमपुर निवासी आशीष कुमार ने सर्जरी विभाग का पर्चा बनवाने की कोशिश की यहां भी काउंटर बंद होने की वजह से उनको निराशा हाथ लगी। हरदोई निवासी शिवदेवी, काकोरी निवासी शुभम मिश्रा, हरदोई के ही रवि कुमार ऐसे मरीज थे जो पर्चा बनवाने के लिए परेशान रहे। इसके लिए वह रेजिडेंट के सामने गुहार लगाते रहे, लेकिन रेजिडेंट ने उनकी एक नहीं सुनी। हालांकि, फिर पंजीकरण शुरू हो गया।
केजीएमयू में बुधवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर बंद करा दिया।