डॉ. अजय कुमार पटवा, डॉ. सुधीर कुमार वर्मा और डॉ. संजीव कुमार वर्मा (दाएं से बाएं)
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के तीन डॉक्टरों ने इतिहास रचते हुए अमेरिका में हुई द लिवर मीटिंग में अपना परचम लहराया है। इस बैठक में पहली बार विश्वविद्यालय के हेपेटोबिलियरी डिवीजन, मेडिसिन विभाग और पीडियाट्रिक्स विभाग के तीन वरिष्ठ संकाय सदस्यों का शोधपत्र चयनित किया गया है।
अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में सात से 11 नवंबर तक आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लिवर डिजीज की प्रतिष्ठित वार्षिक वैज्ञानिक बैठक- द लिवर मीटिंग के दौरान ये शोधपत्र पेश किए गए। इनमें मेडिसिन विभाग के हेपेटोबिलियरी डिवीजन के डॉ. अजय कुमार पटवा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुधीर कुमार वर्मा और पीडियाट्रिक्स विभाग के पीडियाट्रिक हेपेटोलॉजी डिवीजन के डॉ. संजीव कुमार वर्मा शामिल हैं। इन विशेषज्ञों ने विश्वभर से आए हेपेटोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों, और बाल-यकृत रोग विशेषज्ञों ने आधुनिक शोध प्रस्तुत किए।
प्रस्तुत किए गए शोध पत्र
डॉ. अजय कुमार पटवा:
“इन्फेक्शन वाले और बिना इन्फेक्शन वाले मरीजों में लिवर ट्रांसप्लांट और थेरेप्यूटिक प्लाज़्मा एक्सचेंज के प्रभाव: एएआरसी डेटाबेस पर आधारित प्रोपेन्सिटी स्कोर-मैच्ड अध्ययन”
डॉ. सुधीर कुमार वर्मा:
एक्यूट ऑन क्रोनिक लिवर फेलियर वाले मरीज़ों के लिवर और स्प्लीन (तिल्ली) की कठोरता में होने वाले तीव्र परिवर्तन का रोग निदान के लिए महत्व
हेपेटिक ऑस्टियोडिस्ट्रॉफी के मरीजों में ओरल आइबेंड्रोनेट की प्रभावशीलता और सुरक्षा
डॉ. संजीव कुमार वर्मा:
स्प्लीनिक स्टिफ़नेस और आकार द्वारा नॉन-सिरोटिक पोर्टल फ़ाइब्रोसिस और एक्स्ट्रा-हेपेटिक पोर्टल वेन ऑब्स्ट्रक्शन का बाल्यावस्था में विभेदीकरण: प्रॉस्पेक्टिव ऑब्ज़र्वेशनल अध्ययन