लखनऊ। गैस सिलिंडर के संकट से केजीएमयू में बृहस्पतिवार को मेस और मरीजों की कैंटीन की व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मेडिकल छात्रों और मरीजों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया। कई मेस में गैस खत्म होने से दोपहर के भोजन के लिए संस्थान प्रशासन ने अलग-अलग हॉस्टल की मेस में बचे हुए सिलिंडरों को एक जगह एकत्र कराया। भारी मशक्कत के बाद एक अस्थायी व्यवस्था के तहत खाना तैयार कर छात्रों में वितरित किया गया।
रात 2 बजे मिली राहत, सुबह बनी रोटियां
मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन के कर्मचारी सिलिंडर के इंतजार में बुधवार देर रात तक जागते रहे। रात करीब 2 बजे गैस आपूर्ति करने वाली कंपनी के वाहन ने दस्तक दी और कैंटीन को महज 8 सिलेंडर मिल सके। इन सिलिंडरों के मिलने के बाद बृहस्पतिवार सुबह मरीजों के लिए रोटियां और अन्य भोजन तैयार हो सका। कर्मचारियों के मुताबिक, यह स्टॉक शुक्रवार सुबह तक चल सकेगा। कैंटीन कर्मचारियों का कहना है कि करीब डेढ़ हफ्ते से पर्याप्त संख्या में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। केजीएमयू के गोदाम में भारी संख्या में खाली सिलेंडर डंप पड़े हैं, लेकिन समय पर रिफिलिंग न होने से उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
केजीएमयू परिसर में अन्नपूर्णा काउंटर हुआ बंद
केजीएमयू में तीमारदारों के लिए खुला अन्नपूर्णा काउंटर बृहस्पतिवार को बंद रहा। काउंटर के सामने दोपहर करीब 12 बजे तीमारदारों की भीड़ जुटी थी, मगर काफी देर इंतजार के बाद भी काउंटर नहीं खुला। करीब एक घंटे तक लोग भोजन मिलने की आस में कतार में खड़े रहे। गैस सिलिंडर न मिलने से संस्थाओं की ओर से भोजन तैयार नहीं हो सका, इसलिए वितरण नहीं किया जा सका। कुछ तीमारदारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर भोजन वितरण नहीं होना था तो इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी। इससे उन्हें बेवजह इंतजार नहीं करना पड़ता।