मनोविशेषज्ञ डॉ. प्रसाद कन्नेकांती कहते हैं कि जो व्यक्ति आत्महत्या के बारे में सोचते हैं, उसके लक्षण उनके व्यवहार में झलकने लगते हैं। जरूरत है उसे पहचानने की और उस व्यक्ति को सही समय पर मनोचिकित्सक के पास ले जाने की। प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं...
- व्यक्ति में निराशा के भाव नजर आते हैं। वह जीवन-मृत्यु से जुड़ी बातें ज्यादा करने लगता है।
- ऐसे ज्यादातर व्यक्ति अकेलापन पसंद करते हैं। उनके व्यवहार में अचानक बड़े बदलाव नजर आते हैं।
- चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। काम में मन नहीं लगता, भूख-प्यास को नजरअंदाज करने लगते हैं।
- सही समय पर मरीज को उम्मीद बनाए रखने की कला के जरिये सकारात्मक बनाया जा सकता है।