लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन ने थोरेसिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर को प्राइवेट प्रैक्टिस का दोषी मानते हुए आरोप पत्र दे दिया है। 15 दिन में जवाब मांगा गया है।
प्रो. शैलेंद्र यादव के खिलाफ सितंबर 2023 को ठाकुरगंज के प्राइवेट अस्पताल में जाकर मरीजों का इलाज करने की शिकायत हुई थी। इसके बाद केजीएमयू ने जांच कराई, जिसमें डॉक्टर को दोषी पाया गया।
नवंबर 2024 में कार्य परिषद के सामने रिपोर्ट रखी गई। कार्य परिषद ने कार्रवाई के लिए कुलपति को अधिकृत कर दिया। 28 जनवरी को प्रोफेसर को आरोप पत्र देकर 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। केजीएमयू की मीडिया सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. केके सिंह के मुताबिक जवाब के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।