आगे की कार्रवाई तय होगी
बैठक में इस पर भी विचार होगा कि जांच पूरी होने तक संबंधित डॉक्टर विभागाध्यक्ष और अन्य प्रशासनिक पदों पर बने रहेंगे या नहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के कई अहम प्रशासनिक पदों पर बदलाव हो सकते हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक बुलाकर पूरा मामला रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
धर्म के आधार पर प्राथमिकता देने का आरोप
एसटीएफ की रिपोर्ट में डॉक्टरों के कामकाज और व्यवहार को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित डॉक्टरों पर अपने धर्म के लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप हैं। इलाज, विभागीय जिम्मेदारियां सौंपने और ड्यूटी लगाने तक में धर्म के आधार पर पक्षपात किया जाता था। रिपोर्ट में अपने धर्म के विशेषज्ञों को तरजीह देने का भी जिक्र है।