लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में संविदा पर नौकरी करने वाले डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होगी। केजीएमयू प्रशासन ने संविदा पर होने वाली डॉक्टरों की भर्ती के तहत विभागवार सूची और इसकी शर्तें जारी कर दी हैं। इसके मुताबिक, 31 विभागों में कुल 90 डॉक्टरों की भर्ती होगी।
केजीएमयू में चिकित्सकों के कई पद खाली हैं। इनकी नियमित नियुक्ति के लिए लंबी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। ऐसे में विवि प्रशासन ने संविदा पर चिकित्सकों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसमें डॉक्टरों को 1,20,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। यह नियुक्ति अगले एक साल या फिर नियमित नियुक्ति होने तक के लिए होगी।
इस तरह से केजीएमयू में डॉक्टरों के खाली पदों पर तैनाती हो जाएगी। इससे चिकित्सा आयोग के मानक पूरे हो जाएंगे। मानक पूरे न होने पर विभाग में पीजी की सीट कम होने का खतरा रहता है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि आवेदन की अंतिम तारीख 20 दिसंबर है। आवेदन फॉर्म ऑफलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय में भेजा जाना है। भर्ती साक्षात्कार के आधार पर होगी। इसकी सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाली जाएगी।
कई विभागों में दूर होगी कमी
केजीएमयू में इस समय नेफ्रोलॉजी, क्लीनिकल हिमेटोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, गाइनी आंकोलॉजी, थोरेसिक सर्जरी, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन, रूमेटोलॉजी, वस्कुलर सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी जैसे विभागों में मानक के हिसाब से कम डॉक्टर हैं, जबकि चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुसार, विभाग में कम से कम एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट और एक असिस्टेंट प्रोफेसर होना अनिवार्य है।
पूर्व में प्राइवेट प्रैक्टिस की थी अनुमति
केजीएमयू में संविदा के आधार पर नौकरी करने वाले डॉक्टरों को पहले प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति दी गई थी, मगर इसमें कई शिकायतें मिली थीं। इससे मरीजों को निजी क्लीनिक पर ले जाने का खतरा भी रहता है। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने स्पष्ट रूप से अपने विज्ञापन में ही प्राइवेट प्रैक्टिस की स्पष्ट मनाही कर दी है।