लखनऊ। केजीएमयू में महिलाओं और नवजातों की सभी बीमारियों का इलाज एक ही छत के नीचे होगा। इसके लिए संस्थान में अपेक्स सेंटर फॉर वूमेन एंड चाइल्ड केयर की स्थापना होगी। केजीएमयू प्रशासन ने शासन को इसका प्रस्ताव भेज दिया है। क्वीन मेरी अस्पताल के पीछे इसका बहुमंजिला भवन प्रस्तावित है।
केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीन मेरी अस्पताल) में प्रदेश भर से गंभीर हालत में प्रसूताओं और अन्य महिलाओं को भर्ती किया जाता है। यहां 340 बेड हैं, लेकिन ज्यादातर हमेशा भरे रहते हैं। अस्पताल के पीछे काफी खाली जमीन पड़ी है। इसी जमीन पर नया सेंटर प्रस्तावित है।
इसके निकास पर माैजूद अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया चल रही है। स्थान की कमी होने से प्रसव के बाद गंभीर हालत वाले बच्चों को ट्राॅमा सेंटर स्थित पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट भेजना पड़ता है। ऐसे में मां और बच्चे दोनों अलग-अलग स्थानों पर भर्ती रहते हैं। अपेक्स सेंटर फॉर वूमेन एंड चाइल्ड केयर की स्थापना होने के बाद दोनों को एक ही स्थान पर रखना संभव होगा। इसके साथ ही अनियमित माहवारी, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया, मोटापा समेत सभी प्रकार की समस्याओं का इलाज भी किया जाएगा। यहां सभी तरह की जांचों की व्यवस्था भी होगी।
सात मंजिला होगा 500 बेड क्षमता वाला भवन
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि प्रस्तावित भवन सात मंजिल का होगा और यहां 500 बेड होंगे। इस तरह से क्वीन मेरी को 500 अतिरिक्त बेड मिल जाएंगे। भवन में पार्किंग की सुविधा भी होगी, जो माैजूदा भवन में नहीं है।
जुलाई में होनी है सुनवाई
क्वीन मेरी की खाली जमीन पर अवैध कब्जे का मुकदमा केजीएमयू प्रशासन पहले स्तर पर जीत चुका है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में इसकी तारीख लगी हुई है। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक मरीजों से सीधे ताैर पर जुड़ा होने से इस मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद है।