Girls Olympic Championship 2023
- फोटो : amar ujala
अमर उजाला खेल खिलाड़ी उत्तर प्रदेश बालिका आलंपिक-2023 के दूसरे दिन मुख्य अतिथि वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अमर उजाला को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से बालिका खिलाड़ियों को बुलाकर नई शुरुआत की है। वित्तमंत्री ने कहा कि खेलों को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार का खास जोर है। खेलों के लिए वर्ष 2022-23 में 410 करोड़ रुपये की व्यवस्था थी। वर्तमान सत्र में 957 करोड़ रुपये की व्यवस्था खेलों के लिए की गई है। सरकारी नौकरी में दो फीसदी का आरक्षण खेलों को बहुत आगे बढ़ाएगा।
खन्ना ने कहा कि 75 वर्ष पहले महिलाएं घूंघट में भी घर से बहुत कम बाहर निकलती थीं। कार चलाते देखना तो अजूबा था। आज तस्वीर बदल गई है। मिशन शक्ति के युग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने अप्रत्याशित तरक्की की है, जिसमें महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है। प्रदेश को लेकर लोगों की सोच में बदलाव आया है। महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लक्ष्य को प्रदेश में चरितार्थ किया गया है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना के तहत छह चरणों में 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अभी तक करीब 16 हजार को फायदा मिला है। आज अंतर्राष्ट्रीय खेलों में महिलाएं शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण महिला सशक्तीकरण का परिचायक हैं। पीटी ऊषा, बछेन्द्री पाल, सानिया मिर्जा जैसी खिलाड़ी हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर से खिलाड़ियों को एक मैदान पर लाने से उनके विश्वास में बढ़ोतरी होगी।
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमकेंगी बेटियांः दिनेश प्रताप सिंह
बालिका ओलंपिक में दूसरे दिन उद्घाटन सत्र में उद्यान व कृषि विपणन, निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाज हित में काम करने में जो संतुष्टि मिलती है, वह किसी और चीज में नहीं मिलती है। निश्चित रूप से बालिका ओलंपिक के आयोजन के बाद आप सभी को काफी संतोष मिलेगा। उन्होंने कहा कि बालिका ओलंपिक से निकलकर बेटियां राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय फलक पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। इसमें अमर उजाला की महती भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अमर उजाला अपने मूल काम के साथ-साथ समाज के लिए भी काम करता रहता है। संस्थान ने हमेशा अपने आयोजनों के माध्यम से बेटियों को, युवाओं को आगे बढ़ाने काम किया है। इस तरह के अनुकरणीय आयोजन के लिए बधाई। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से भी समय-समय पर इस तरह के आयोजन करके बेटियों को अवसर उपलब्ध कराया जाता है।
महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखेगा बालिका ओलंपिक : आशीष पटेल
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि अमर उजाला बालिका ओलंपिक का आयोजन महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखेगा। जन सरोकार की दिशा में अमर उजाला समूह का यह आयोजन प्रदेश की बेटियों के लिए नए अवसर लेकर आया है। इससे बेटियों को अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा। दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र में उन्होंने बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस आयोजन के लिए अमर उजाला समूह की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके जरिए प्रतिभावान बेटियों को अपनी खेल विधा का मुख्यालय पर आकर प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। आज बच्चों का उत्साह और ऊर्जा देखकर लग रहा है कि यह आयोजन पूरी तरह सफल साबित हुआ है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से तमाम बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुअवसर प्राप्त होगा।
Girls Olympic Championship 2023
- फोटो : amar ujala
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि अमर उजाला ने प्रदेश की बालिकाओं का हौसला बढ़ाया है। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। बेटियां अब हर क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं। प्रशासन संभालने से लेकर सेना तक में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। प्रधानमंत्री ने नारा दिया है कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ। इस नारे में अब बेटियों को खिलाड़ी बनाओ भी जुड़ गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेटियों के अनुकूल प्रदेश का माहौल तैयार किया है। एंटी रोमियो अभियान चलाने के बाद बेटियां बिना किसी झिझक के बाहर निकल रही हैं। वे अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर मंजिल हासिल कर रही हैं। उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य और अर्जुन से जुड़े प्रसंगों का जिक्र करते हुए लक्ष्य के लिए आगे बढ़ने का संदेश दिया।
बेटियां हर क्षेत्र में आगे : विजय लक्ष्मी
ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसे अमर उजाला ने और गति दी है। बालिका ओलंपिक के जरिये ग्रामीण बालिकाओं को मंच देकर सराहनीय कार्य किया है। केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि आज गांवों से प्रतिभाशाली बच्चे हर खेल में देश- विदेश में यूपी का परचम लहरा रहे हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि हर समाज के बच्चों का संपूर्ण विकास हो। बेटियां खेलों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी से लेकर राजनीति तक में आगे आ रही हैं। उन्होंने अमर उजाला के आयोजन की तारीफ करते हुए कहा कि यहां हर जिले से आई बेटियां अलग संदेश दे रही हैं।
गांव-गांव बढ़ा खेल के प्रति उत्साह : सक्सेना
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण सक्सेना ने कहा कि भाजपा सरकार में गांव-गांव खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। हर जगह खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है। गांवों में स्टेडियम बन रहे हैं। कबड्डी, हॉकी ही नहीं हर खेल के प्रति युवा तैयार हो रहे हैं। संसाधनों के समुचित विकास से छोटे-छोटे गांवों से खेल प्रतिभाएं निकल रही हैं। खेल से एकाग्रता आती है। जो खिलाड़ी होते हैं, उनमें कुछ भी कर गुजरने की हिम्मत होती है। अमर उजाला की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर चलते रहने चाहिए। अमर उजाला परिवार ने पेड़ लगाने से लेकर बेटी बचाने तक का अभियान चला रखा है। वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहा है।
गांवों में बच्चों को मिला खेलने का अवसर : सहगल
खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि अमर उजाला ने गांव-गांव की बालिकाओं को राजधानी लखनऊ में एकत्र कर बड़ा काम किया है। इससे बच्चियों को खेलने का अवसर मिला है। सरकार की योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हर गांव में बच्चों को खेलने के लिए संसाधनों का विकास किया जा रहा है। खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। पुराने मैदान को सुधारा जा रहा है। अच्छे प्रशिक्षकों के जरिये गांवों में छिपी प्रतिभाओं को निखारा जा रहा है। ऐसा माहौल बनाया गया है कि पढ़ने-लिखने ही नहीं, बल्कि खेलने-कूदने से भी बच्चे आगे बढ़ सकते हैं।