सपा अध्यक्षअखिलेश यादव व केशव देव मौर्य व अन्य। (फाइल फोटो)
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समाजवादी पार्टी ने गठबंधन तोड़ने वाले महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवदेव मौर्य को गिफ्ट में दी गई लग्जरी कार वापस ले ली है। केशवदेव मौर्य ने कहा कि उन्होंने सपा से कुछ नहीं मांगा था। कार दिवाली गिफ्ट में भेजी गई थी, जिसे सपा ने वापस ले लिया है। अब उनका कोई अहसान नहीं है।
विधान सभा चुनाव से ठीक पहले सपा और महान दल का गठबंधन हुआ। दिवाली पर सपा ने महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवदेव मौर्य को लग्जरी कार गिफ्ट किया। गाजियाबाद से 17 नवंबर 2021 को खरीदी गई यूपी 32 एमके 8890 नंबर की कार सचिव समाजवादी पार्टी के नाम से खरीदी गई है। जिस वक्त यह कार केशवदेव को भेजी गई थी तो उन्होंने ट्वीटर पर शेयर करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया था। पिछले दिनों इस गाड़ी में कुछ समस्या आ गई थी, जिस पर सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने पत्र जारी किया था। इस पत्र में लिखा था कि गाड़ी केशवदेव मौर्य को प्रचार- प्रसार के लिए आवंटित की गई है। इंश्योरेंश क्लेस से गाड़ी मरम्मत के लिए पार्टी की ओर से केशवदेव के बेटे चंद्र कृष्ण को अधिकृत किया जाता है। दो दिन पहले केशवदेव मौर्य ने सपा से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया।
इस पर सपा कार्यालय से उन्हें फोन कर गाड़ी वापस करने के लिए कहा गया। केशवदेव मौर्य का कहना है कि वह खुद गाड़ी वापस करने के लिए बोल दिए थे। लेकिन गाड़ी मरम्मत में गई थी। इसलिए गठबंधन तोड़ने से पहले नहीं भेजवा सके। पार्टी के नेता ने फोन कर गाडी लौटाने के लिए कहा। उन्हें बताया गया कि गाड़ी मरम्मत के लिए एजेंसी पर है। एजेंसी पर पहुंचे सपा नेता बिना रिपेयरिंग के कार ले गए। केशवदेव मौर्य ने कहा कि कार्यकर्ताओं के चंदे से गाड़ी पर चलने का उन्हें शौक नहीं है। सपा अध्यक्ष से उन्होंने गाड़ी मांगी भी नहीं थी। उन्होंने दिवाली गिफ्ट कहकर भेजवाया था और खुद ही वापस मंगवाया है।