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...बहुत टकराओगे तो बर्तन टूट जाएगा

Tue, 07 Jan 2014 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शहर के युवा कवि व गीतकार देवल आशीष को शौर्य, प्रेम और साहस की कविताओं से याद किया गया।
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उनकी स्मृति में जेपी वर्मा ने सोमवार को इंदिरानगर सेक्टर 10 के गौतम बुद्ध पार्क में कवि सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश भर के कवियों ने शिरकत की।
सम्मेलन की शुरुआत भगवत श्लोकों से हुई। इसके बाद कवयित्री व्याख्या मिश्रा ने ‘परवानों की किस्मत में जलना ही जलना है, सपनों का आंखों में पलना ही पलना है... कविता सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
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बाराबंकी से आए कवि पं. रामकिशोर तिवारी ने शौर्य की पंक्तियां ‘राणा प्रताप का यह दर्शन भारत की उज्ज्वल परिपाटी, दुनिया के तीर्थों से बढ़कर है यह महातीर्थ हल्दी घाटी....’ सुनाई।

कवि प्रमोद द्विवेदी प्रमोद ने ‘धैर्य भला असहायों, लाचारों का कब तक तोलोगे, हे मेरे शिवशंकर बोलो कब त्रिनेत्र तुम खोलोगे....’ पंक्तियां पढ़ीं।

कवि वाहिद अली वाहिद ने वर्तमान राजनीति पर ‘किसी अफवाह के पत्थर से दर्पण टूट जाएगा, रहीमो राम के रिश्ते का बंधन टूट जाएगा, जरा हल्के से टकराओ मधुर संगीत निकलेगा, बहुत टकराओगे तो बर्तन टूट जाएगा...’ पंक्तियां सुनाकर तालियां बटोरीं।

इसके अलावा चित्तौड़गढ़ से आए कवि रमेश शर्मा, कानपुर के डॉ. कमलेश द्विवेदी, राजेंद्र पंडित आदि कवियों ने भी पंक्तियां पढ़ युवा कवि देवल आशीष की यादें ताजा कीं।
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सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि अभा भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, इंदिरानगर आवासीय महासमिति के उपाध्यक्ष हरीशंकर वर्मा भी मौजूद रहे।
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