अपनी ‘घराळी’ के साथ बातचीत और ‘चार लाइनां सुना रयो हूं’ से कविताएं शुरू करने वाले हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा अमर उजाला लखनऊ संस्करण के 10 वर्ष पूर्ण होने पर होने वाले समारोह में अपनी रचनाओं से दर्शकों को गुदगुदाएंगे। लखनऊ में गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 23 जून की शाम सात बजे से होने वाले समारोह में कवि सम्मेलन के साथ ही ‘गौरव सम्मान’ भी होगा।
अमर उजाला लखनऊ संस्करण ने पाठकों के स्नेह की बदौलत पिछले एक दशक में कई कीर्तिमान हासिल किए हैं। इन सफलताओं का जश्न ‘गौरव सम्मान’ के जरिए मनाया जाएगा। यह ‘गौरव सम्मान’ ऐसे नागरिकों को दिया जाएगा, जिनके जरिए लखनऊ का नाम अलग-अलग क्षेत्रों में देश और विश्व स्तर पर पहचाना गया है। साथ ही इन्होंने शहर के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गुदगुदाएंगी सुरेंद्र शर्मा की रचनाएं
हास्य कवि के तौर पर सुरेंद्र शर्मा की देश-विदेश में ख्याति है। चेहरे पर पूरी गंभीरता लिए वे ऐसी बात कह जाते हैं जो श्रोताओं को हफ्तों-हफ्तों गुदगदाती रहें। हास्य और कटाक्ष से भरी इन रचनाओं ने उन्हें विशिष्ट पहचान दी है। केंद्र सरकार भी उन्हें 2013 में पद्मश्री सम्मान से नवाज चुकी है। उनके साथ साथ सम्मेलन में तीन और जाने-माने कवि पवन आगरी, अशोक सुंदरानी और गौरी मिश्रा भी काव्य की सरिता बहाएंगे।
वाह...वाह... से बनी पवन आगरी की पहचान
‘कुछ लोग समूचा हिंदुस्तान खा रहे हैं...’ जैसी पंक्ति में अपनी नाराजगी प्रकट कर चुके कवि पवन आगरी को अपनी मारक शैली के लिए जाना जाता है। ‘वाह-वाह’ कार्यक्रम के जरिए लोकप्रिय हुए पवन विभिन्न शहरों में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह चुके हैं।