मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक आयोजित की गई। जिसमें अयोध्या में अनाथ बच्चों के लिए कौशल्या सदन के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस सदन का निर्माण भारत सरकार की प्रदर्शन आवासीय योजना के अन्तर्गत कराया जाएगा। इसलिए प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजने का फैसला किया गया है। पांच एकड़ में बनने वाले कौशल्या सदन का निर्माण के लिए नगर निगम अयोध्या ने सदर तहसील के ग्राम मलिकपुर में जमीन का चयन कर लिया है।
मुख्य सचिव ने अयोध्या की महत्ता को देखते हुए कौशल्या सदन के निर्माण की रुपरेखा तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सदन को भूकंपरोधी और वातावरण के अनुकूल निर्माण कराने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ‘लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण’ के तहत 4118 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिसमें 14 लाख 70 हजार 874 आवासों का निर्माण होना है। इसमें से 5 लाख 82 हजार 210 आवासों का निर्माण हो चुका है।
बैठक में इस घटक के तहत 24 जिलों की 70, ‘आवास निर्माण विस्तार’ घटक के तहत 7 जिलों की 15 (कुल 85) परियोजनाओं में 50 हजार 471 मकान बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में बताया कि गया केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के 608 नगर निकायों के लिए ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) के लिए तैयार ‘प्लान आफ एक्शन’ को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में 20 नगर निकायों के प्लान ऑफ एक्शन तैयार करने के प्रस्ताव को राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति में रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लखनऊ नगर निगम द्वारा बनवाए जा रहे 144 आवासों का स्थल परिवर्तन बसंत कुज सेक्टर-आई से सेक्टर-एन में करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे समेत नगर विकास विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।