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भाजपा कार्यकर्ता हत्याकांड: मंत्री के बेटे को एयरपोर्ट छोड़ने गया था विनय, आखिरी इंस्टा रील एयरपोर्ट से लौटने

Mon, 04 Sep 2023 05:15 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

जांच में ये भी सामने आया कि उस दिन देर शाम करीब साढ़े सात बजे विकास की अजय से फोन पर बात हुई थी। तब ये सभी आवास पर ही थे। 
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विकास किशोर (बाएं) और मृतक विनय श्रीवास्तव - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विनय श्रीवास्तव हत्याकांड में सामने आया है कि बृहस्पतिवार को वह भी केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर को छोड़ने एयरपोर्ट गया था। जो आखिरी इंस्टाग्राम रील विनय ने बनाई थी वह एयरपोर्ट से लौटते वक्त की है। जांच में ये भी सामने आया कि उस दिन देर शाम करीब साढ़े सात बजे विकास की अजय से फोन पर बात हुई थी। तब ये सभी आवास पर ही थे। विकास दिल्ली पहुंच चुका था। पुलिस विकास के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण संबंधी रिपोर्ट सोमवार को भेजेगी। इसकी फाइल रिपोर्ट पुलिस ने तैयार कर ली है। निरस्तीकरण संबंधी आगे की कार्रवाई अब डीएम कार्यालय से की जाएगी।
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आखिर क्यों नहीं लगाई ये धाराएं

पुलिस ने पहले हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। बाद में उसमें आर्म्स एक्ट बढ़ाया। चूंकि मामले में एक इरादे से साजिश रचकर वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई। ऐसे में साजिश रचने व दफा 34 क्यों नहीं लगाई। अफसरों का कहना है कि विवेचना जारी है। जैसे-जैसे साक्ष्य व बयान सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

थोड़ा बैकफुट पर रहे परिजन

वारदात के बाद परिजन लगातार पुलिस व मंत्री के बेटे पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। वीडियो भी जारी किया। मगर रविवार को थोड़ा बैकफुट पर आए। मृतक के भाई का कहना था कि पुलिस जो कर रही है वह ठीक कर रही है। एसआईटी जांच करे तो जांच अच्छे से हो सकेगी। हालांकि, परिजन अरुण उर्फ बंटी पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो पीड़ित थोड़ा बैकफुट पर आ गए। यहां तक कि देर शाम वह मीडिया वालों से बातचीत करने से भी कतरा रहे थे।
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6500 स्क्वायर फीट जमीन का ही था विवाद

शुरू में मामला सामने आया था कि हाईवे किनारे विनय और अरुण प्रताप उर्फ बंटी के साझे में 6500 स्क्वायर फीट जमीन थी। जिसको विनय बेचना चाहता था और बंटी मना कर रहा था। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। हालांकि एडीसीपी पश्चिम का कहना है कि इस जमीन के अलावा अन्य किसी जमीन के बारे में जानकारी नहीं हो सकी है। आरोपों की जांच जारी है। लेकिन, अब तक जमीन विवाद में वारदात को अंजाम देने को लेकर कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जो तथ्य हैं, उसी आधार पर खुलासा किया जा चुका है। बाकी विवेचना जारी है।

बदल सकती है विवेचना

इंस्पेक्टर ठाकुरगंज केस के विवेचक हैं। सूत्रों के मुताबिक केस की विवेचना या तो बदल सकती है या फिर एसआईटी गठित हो सकती है। जिससे विवेचना बेहतर तरीके से हो सके।
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