कार्तिक पूर्णिमा पर लखनऊ डालीगंज पुल पर लगने वाला कतकी मेला इस बार नहीं लगेगा। जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि आचार संहिता के दौरान ऐसे आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी ने सड़क पर दुकान लगाई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम पश्चिम संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि बिना अनुमति किसी भी संस्था, समिति या सदस्यों को मेला नहीं लगाने दिया जाएगा। इतिहासकारों के मुताबिक मेला कम से कम 400 से अधिक साल पुराना तो माना ही जा सकता है। नगर के पुराने लोग बताते हैं कि नदी के किनारे की सड़क लोगों के बीच ठंडी रोड के नाम से जानी जाती थी।
वहां से लेकर शहीद स्मारक तक मेले में आए लोग जुटते थे। इतिहासकार योगेश प्रवीण के मुतबिक कतकी नहान पर डुबकी के बाद सब घाटों पर एक साथ सत्यनारायण की कथा सुना करते थे। कई दिन पहले से ही घाटों के किनारे जगह पक्की कर लिया करते थे, उसके बाद लौटते समय मेले से खरीदारी भी कर लेते थे। तब 90 प्रतिशत नहान और 10 प्रतिशत तमाशबीन हुआ करते थे।