हादसे में घायल कांवड़िये की मौत, थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
लखनऊ। सड़क हादसे में घायल कानपुर देहात स्थित बंदे मऊ मंगलपुर निवासी दरोगा पाल (25) की बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मजदूरी करते थे। परिजनों ने शुक्रवार को बीबीडी थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया।
दरोगा के पिता राज बहादुर पाल ने बताया कि उनका बेटा अपने साथियों के साथ कांवड़ लेकर लोधेश्वर मंदिर बाराबंकी के लिए 20 फरवरी को निकला था। आरोप है कि 21 फरवरी को बीबीडी इलाके में डीसीएम की टक्कर से बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके साथियों को मामूली चोट आई थीं। मौके पर मौजूद साथी अंकित व अनुज ने घटना की जानकारी घरवालों को दी। इसके बाद दरोगा को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार रात उसकी मौत हो गई।
राज बहादुर का आरोप है कि जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने बीबीडी थाने पहुंचे थे तो चौकी इंचार्ज ने डीसीएम चालक से रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बनाया। आरोप है कि इनकार करने पर पुलिस ने डीसीएम चालक को वाहन के साथ छोड़ दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बीबीडी थाने पहुंच गए।
नाराज परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक थाने के बाहर हंगामा चलता रहा। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और डीसीएम चालक से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद कांवड़िये शांत हुए।
हादसे में घायल किसान ने तोड़ा दम
सड़क हादसे में जख्मी सीतापुर के खैरेपारा निवासी किसान सुनील कुमार मिश्रा (42) की ट्रॉमा सेंटर में बृहस्पतिवार देर रात मौत हो गई। वह 25 फरवरी को बाइक से जा रहे थे। सरोजनीनगर में पराग चौराहे के पास मालवाहक की टक्कर से वह जख्मी हो गए थे। परिवार में पत्नी उर्मिला और एक बेटा आयुष है।