20 साल से भी अधिक समय से साथ रह रहे जू के स्टार चिंपैजी जेसन और निकिता
के बीच जल्द ही तलाक हो सकता है।
दोनों ही विदेश में पैदा हुआ और तब से ही
साथ रह रहे हैं, लेकिन आज तक दोनों के आंगन में किलकारियां नहीं गूंजी।
इसी
को आधार बनाकर कानपुर प्राणि उद्यान प्रशासन ने लखनऊ जू प्रशासन से अपने
नर चिंपैंजी छज्जू के लिए मादा चिंपैंजी निकिता की डिमांड की है, लेकिन
लखनऊ जू प्रशासन महज एक वजह के चलते दोनों को फिलहाल अलग करने को तैयार
नहीं है।
निकिता और जेसन का जन्म
फरवरी-मार्च, 1992 में स्वीडन में हुआ था। तब से ही दोनों साथ रह रहे हैं।
कुछ साल स्वीडन में रहने के बाद इन्हें हवाई मार्ग से मैसूर जू लाया गया।
यहां इन्होंने काफी लंबा समय साथ बिताया, लेकिन लखनऊ जू प्रशासन अगस्त 2007
में मादा जिराफ खुशी के बदले इन दोनों चिंपैंजी को मैसूर से लखनऊ ले आया।
लखनऊ जू में भी इन्हें साथ ही रखा गया। तब से आज तक दोनों को कभी मेटिंग के
लिए एक्टिव नहीं देखा गया। पिछले 6 सालों में चिकित्सकों ने भी काफी
प्रयास किए, लेकिन वे भी नाकाम रहे।
दिसंबर 2012 में लखनऊ जू ने छज्जू को
ब्राींडिंग के लिए लाने की बात चलाई, लेकिन बात नहीं बनी। अब एक बार फिर
कानपुर जू ने छज्जू के लिए निकिता को मांगा है।
जेब्रा बंकित के बदले मांगा चिंपैंजीकानपुर प्राणि उद्यान प्रशासन पिछले
दिनों जू की मादा जेब्रा ऐश्वर्या और संस्कृति के लिए लाए गए नर जेब्रा
बंकित के बदले मादा निकिता की डिमांड कर रहा है।
इसे लेकर आला अधिकारियों
के स्तर पर बात भी हो चुकी है, लेकिन निदेशक स्तर और चिकित्सकों के स्तर पर
मामला अटका है। डिप्टी डायरेक्टर जू डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि दोनों
लगभग 20 साल से साथ हैं।
कुछ शारीरिक कमजोरी के चलते उनका कुनबा आबाद नहीं
हुआ, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर जुदा करने से दोनों को ही सदमा लग सकता
है। ये वन्यजीव के लिए खतरनाक भी हो सकता है।