‘सर प्लीज पास कर दीजिए’ नर्सिंग कालेज में पढ़ाई नहीं हुई है और यूनिवर्सिटी कैंपस में एग्जाम होगा यह पता नहीं था। नर्सिंग में एडमिशन नकल के भरोसे लिया था, अब यहां नकल ही नहीं मिल रही है।
अगर पास नहीं हुए तो भविष्य खराब हो जाएगा। फीस भी बेकार चली जाएगी।’ कुछ इसी तरह का ब्योरा नर्सिंग स्टूडेंटों की कॉपी में देखकर परीक्षक के साथ छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी प्रशासन भी हैरान है।
विवि प्रशासन का कहना है कि नकल के दम पर नर्सिंग की पढ़ाई चिंतित करने वाली है। यह मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ है। क्योंकि किसी भी मरीज के इलाज में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।