लिटरेरी फेस्टिवल में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद मंच पर बोलने पहुंचे कन्हैया कुमार ने संघ, बीजेपी और एबीवीपी पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग मेरा विरोध करने आए थे, मैं उनका भी स्वागत करता हूं। लखनऊ तहजीब का शहर है, और यह तस्वीर लखनऊ की नहीं हो सकती।
मैं पहली बार देख रहा हूं कि किसी लिटरेरी फेस्टिवल में मेरा इस तरह का राजनैतिक विरोध हो रहा है। एबीवीपी को कटघरे में खड़ा करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर आपको विरोध ही करना था तो इस सेशन से पहले सवाल पूछकर विरोध कर सकते थे।
लोकतंत्र की यही खूबी है कि यहां दो अलग विचार धारा के लोग भी एक मंच पर अपनी बात कहते हैं। यह जनता का काम है कि वह किसे सही समझती है और किसे गलत, लेकिन बोलने न देना संघ, भाजपा और एबीवीपी की संस्कृति है।
कन्हैया कुमार अपनी किताब 'बिहार से तिहाड़' के विमोचन के लिए लिटरेरी फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए आए थे। पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को किताब का विमोचन करना था। लेकिन हंगामे के चलते उन्होंने मंच पर आने से मना कर दिया। इस पर कन्हैया कुमार ने कहा कि अपनी किताब का विमोचन मैं खुद ही करूंगा।
सीएम योगी पर बोलते हुए कन्हैया ने कहा कि ये योगी जी का शहर है। नए तरह का राम राज्य यहां आ रहा है। राम जी राजपाठ छोड़कर वनवास चले गए थे, योगी जी वनवास से यहां आ गए हैं।