कमलेश तिवारी की हत्या को लेकर उठे तूफान के बीच देश में एक नया आतंकी संगठन आकार ले रहा था। देश को हिला देने वाली इस वारदात की साजिश गुजरात के पांच धार्मिक उन्मादियों ने सिर्फ अपने बूते रची थी।
साजिश को अंजाम देने के लिए अपने ही पैसे खर्च किए। लेकिन कमलेश की मौत के पांच घंटे बाद ही जिस तरह अल हिंद ब्रिगेड ने हत्या की जिम्मेदारी ली और कदम-कदम पर पांचों उन्मादियों के मददगार खड़े हो गए उसने खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड और अल हिंद ब्रिगेड के तार जोड़ने में देशभर की एजेंसियां जुटी हैं।
हत्याकांड में शामिल गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख, फैजान यूनुस, शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन का अब तक किसी आतंकी संगठन से संबंध नहीं ढूंढा जा सका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पांचों धार्मिक उन्मादी हैं और उन्होंने हत्याकांड का तानाबाना खुद ही बुना था। वारदात के लिए जमीन तैयार करने, फर्जी नाम से हिंदू समाज पार्टी ज्वाइन करने, सोशल मीडिया के जरिये कमलेश के करीब पहुंचने, दो हत्यारों का गुजरात से लखनऊ आकर होटल में रुकने, कमलेश के खुर्शेदबाग स्थित घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने और फिर सुरक्षित शहर से भाग निकलने के पीछे उनकी फूलप्रूफ प्लानिंग थी।
किसी भी आतंकी संगठन से जुड़ाव या आतंकवादियों का सहयोग न लेने की वजह से ही शीर्ष खुफिया एजेंसियां पांचों की साजिश की भनक तक नहीं पा सकीं।
टेरर फंडिंग से जुड़े लोग उन्मादियों के पीछे खड़े हो गए
हत्या के बाद जिस तरह से पूरे देश में तूफान उठा, उससे पांचों उन्मादियों के पीछे आतंकी संगठन और टेरर फंडिंग से जुड़े लोग खड़े हो गए क्व। उनकी हर कदम पर मदद शुरू हो गई।
उनके लिए ठहरने, खाने-पीने और यात्रा के खर्चों के अलावा कपड़े व अन्य सामान के इंतजाम से लेकर पैसों तक की व्यवस्था की गई। हत्यारों को देश से बाहर पहुंचाने तक की कोशिश की गई जिससे साफ है कि कोई बड़ा संगठन या आतंकी इस मामले में रुचि ले रहा था। वह संगठन या व्यक्ति कमलेश की हत्या के बाद देश में हिंदू और मुसलमान के बीच तनाव पैदा करके अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में था।
अल हिंद ब्रिगेड की जड़ों की तलाश
हत्या के पांच घंटे बाद ही अल हिंद ब्रिगेड नाम का संगठन सामने आया। सोशल मीडिया पर संगठन ने कमलेश की हत्या की जिम्मेदारी लेकर सनसनी फैला दी। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों का मानना है कि कमलेश की हत्या भले ही सेल्फ मोटिवेटेड ग्रुप ने की हो लेकिन इसके पीछे कई आतंकी संगठन सक्रिय हो गए थे। हालांकि, अभी तक खुफिया एजेंसियां यह पता नहीं लगा सकी हैं कि अल हिंद ब्रिगेड की जड़े कहां हैं और यह संगठन किसने बनाया है।