आपको बता दें कि शुक्रवार को लखनऊ में नाका के खुर्शीदबाग की तंग गलियों में रहने वाले हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की दो बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों बदमाश मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर कमलेश के घर की पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर पहुंचे।
वहां उन्होंने पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया। हत्या की वारदात से अफसरों में हड़कंप मच गया। हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया। हजारों लोग सड़क पर निकल आए और अमीनाबाद का बाजार बंद कराकर पुलिस-प्रशासन व सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे।
हत्याकांड का यूपी पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना में शामिल तीन लोगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। वहीं, बिजनौर से षड्यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी को हिरासत में लिया गया है।
यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि घटनास्थल से जांच के दौरान मिले मिठाई के डिब्बे से अहम सुराग मिले और गुजरात पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
डीजीपी ने बताया कि इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता रशीद पठान, कमलेश के कत्ल को वाजिब बताने वाला मौलाना मोहसिन शेख और 16 अक्तूबर को मिठाई खरीदने वाले फैजान युनुस को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार करने के लिए अलग अलग टीमें बनाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि कमलेश की हत्या 2015 पैगंबर साहब को लेकर दिए गए विवादित बयान की वजह से की गई है। इस घटना को अंजाम देने का प्लान रशीद पठान ने बनाया। इसके लिए मोहसिन ने 2015 में कमलेश द्वारा दिए गए विवादित बयान को दिखा कर प्रेरित किया। फैजान ने वह मिठाई खरीदी थी, जिसे लेकर हत्यारे लखनऊ आए थे। पुलिस इस मामले में और छानबीन कर रही है।