बिजनौर के जिन लोगों ने पति का सिर कलम करने का फतवा जारी किया था, उनके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक तरफ प्रतिबंधित मांस रखने वाले अखलाक के परिवारवालों को 50 लाख रुपया मुआवजा दिया जाता है और हिंदूवादी नेता की हत्या पर 15 लाख रुपये देकर परिवारीजनों का मुंह बंद कराने की कोशिश हो रही है। यह मुआवजा नहीं, कमलेश तिवारी का अपमान है। जिस दिन भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता या पदाधिकारी की मौत होगी, इस रकम में हिंदू समाज पार्टी की तरफ से 10 लाख रुपये और जोड़कर 25 लाख रुपये लौटा दिए जाएंगे।
किरन ने कहा कि मुख्यमंत्री से किसी पार्क में पति की मूर्ति लगवाने और खुर्शेदबाग का नाम बदलकर कमलेशबाग करने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने इसे नहीं माना।
उन्होंने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी कई तथ्यों का सामने आना बाकी है। हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन्होंने गुजरात जाकर सरेंडर किया है। शर्म है कि यूपी की पुलिस तीन दिन तक घेराबंदी करती रही और दो लोगों को नहीं पकड़ सकी।
किरन ने कहा कि पति की हत्या से उनका काम नहीं रुकेगा। हिंदू समाज के लिए मान-सम्मान और अधिकार का संघर्ष जारी रहेगा। हिंदुओं की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक काम करूंगी। भविष्य में पार्टी चुनाव में प्रत्याशी भी उतारेगी।
राष्ट्रीय महासचिव ने ओवैसी को दी चुनौती
हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजेश मणि त्रिपाठी ने असद्दुदीन ओवैसी को निशाना बनाते हुए कहा कि जिस तरह कमलेश की हत्या के बाद वह नाचकर खुशी जाहिर कर रहा था, यह कायरता का प्रतीक है।
राजेश ने ओवैसी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर उसी भाषा में जवाब मिलेगा। उन्होंने हत्याकांड में बड़े अधिकारी व नेता के बेनकाब होने की बात कहते हुए पूरे मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की।