घरेलू पर्यटन काफी हद तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग पर आधारित है। पर्यटन को इस उद्योग से सीधे तौर पर जोड़ने की कोशिश की जाएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। नए उद्यमी पैदा होंगे और देश की आय बढ़ेगी।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने यह बात रविवार को भारतीय पर्यटन आतिथ्य कांग्रेस के 12वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटनपर कही। भारतीय पर्यटन एवं आतिथ्य कांग्रेस (आईटीएचसी) की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन में देश भर से संस्था के सदस्यों ने भाग लिया।
कलराज ने कहा कि हमें घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। भारत विभिन्नताओं से भरा हुआ देश है। हर जगह का अपना आकर्षण है। हमें इसके बारे में लोगों को बताना है। साथ ही उस स्थान के सौंदर्यीकरण की ओर ध्यान देना है, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। इसी नाते यहां पर्यटन का जितना विकास होना चाहिए उतना नहीं हो पा रहा है।
धार्मिक पर्यटन की बात करें तो 12 ज्योतिर्लिंग, राम वन गमन और बौद्ध परिपथ अपने आप में अद्वितीय हो सकते हैं। आर्थिक रूप से पिछड़े बुंदेलखंड में वीरता और प्राकृतिक छटा के मनोरम स्थल हैं। इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
धार्मिक पर्यटन पर बल दे सरकार
इस मौके पर मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने धार्मिक पर्यटन स्थलों की ओर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया। कार्यक्रम में आईटीएचसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. शितिकांत मिश्र और प्रो. मंजुला चौधरी तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में पर्यटन अध्ययन संस्थान से परास्नातक करने वाली छात्रा नंदिनी दिवाकर को लुपथांसा कुक एंड फ्लाई प्रतियोगिता जीतने पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय यात्रा एवं पर्यटन संस्थान के निदेशक और भारतीय पर्यटन एवं आतिथ्य कांग्रेस के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, महाराजा अग्रसेन विवि हिमाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. एसपी बंसल भी उपस्थित रहे। संयोजक प्रो. मनोज दीक्षित ने धन्यवाद दिया।
एनआरआई से लिया जाए सहयोग
अधिवेशन में उप्र सरकार के वाह्य सहायतित परियोजना के पूर्व सलाहकार मधुकर जेटली ने घरेलू पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए एनआरआई का सहयोग लेने की बात कही।
उनके अनुसार बहुत से भारतीय विदेश में बसने के बाद अपनी मातृभूमि के लिए कुछ करना चाहते हैं। घरेलू पर्यटन स्थलों के विकास में इनकी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा, उप्र द्वारा अपने पर्यटन स्थलों को विकसित न कर पाने की वजह से ही विदेशी पर्यटक केवल आगरा और वाराणसी तक सीमित हैं।
घरेलू पर्यटन के लिए अलग से बने नीति
वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन के तकनीकी निदेशक डॉ. हर्ष वर्मा ने कहा कि विश्व में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की पर्यटन क्षेत्र से 15 फीसदी कमाई होती है। भारत में यह बहुत कम है। इसे बढ़ाने को घरेलू पर्यटन के लिए अलग से नीति बनानी चाहिए। ऐसा होने पर भारत में घरेलू पर्यटन तेजी से विकसित हो सकता है।
अंडमान के लक्ष्मण ने लखनऊ वासियों को दिया न्योता
लक्ष्मण द्वारा बसाए लखनऊ के वासियों को रविवार को अंडमान निकोबार के लक्ष्मण की ओर से आमंत्रण मिला। दरअसल, आईटीएचसी से जुड़े शेख फारूख आलम अंडमान निकोबार में होने वाली रामलीला में लंबे समय से लक्ष्मण का रोल निभाते रहे हैं। अधिवेशन में उन्होंने अंडमान और उसकी सांस्कृतिक विरासत को लोगों के साथ साझा किया।
आलम ने कहा, अंडमान निकोबार स्वतंत्रता सेनानियों को कालापानी की सजा देने के लिए जाना जाता है। पर, सच्चाई यह है कि अंडमान अपने आप में मिनी इंडिया है। वहां पूरे भारत के दर्शन होते हैं। वहां होने वाली रामलीला भी अनूठी है। इसमें सभी धर्म के लोग हिस्सेदारी करते हैं। रामलीला में श्रीनाथ वशिष्ठ राम की भूमिका करते हैं।
सीता का रोल क्रिश्चियन धर्म को मानने वाली लेविंडर कोरियन निभाती हैं। लक्ष्मण की भूमिका में वे खुद होते हैं तो राजा दशरथ का रोल निभाने के लिए जाहिद हुसैन उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने आईटीएचसी का अगला अधिवेशन अंडमान में आयोजित करने की मांग की।