घंटाघर पर प्रदर्शन करती महिलाएं।
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शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे सादिक ने लखनऊ के घंटाघर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले दो महीने से प्रदर्शन कर रही महिलाओं से अपील की है कि हालात को देखते हुए प्रदर्शन को स्थगित कर दें। हालात गंभीर हैं। जैसे ही कोरोना वायरस का दौर थम जाए वो फिर से धरना शुरू कर सकती हैं लेकिन इस मुश्किल वक्त में उन्हें एहतियात बरतना चाहिए।
बता दें कि एक स्थान पर भीड़ इकट्ठा होने से वायरस के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। घंटाघर पर करीब 65 दिन से सीएए, एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन जारी है और इस खतरे के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं। जिससे कि संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
शनिवार को कोरोना की वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं मास्क पहन कर प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि धरने में शामिल होने से पहले हाथ साफ करने के लिए सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के बीच उचित दूरी भी रखी जा रही है। वहीं शाम को टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान ने घंटाघर पहुंचकर मगरिब की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद मौलाना ने कोरोना से देश व दुनिया को सुरक्षित रखने की दुआ की।