मौलाना जव्वाद समर्थक उलेमा ने प्रदेश सरकार से कैबिनेट मंत्री आजम खां को वक्फ मंत्रालय से हटाने की मांग की है।
साथ ही कहा है कि यह शख्सियत की नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है। इसे नतीजे तक पहुंचाया जाएगा।
बृहस्पतिवार को इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद में पत्रकार वार्ता के लिए एकत्र उलेमा ने सबसे पहले शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव स्थगित करने के लिए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का शुक्रिया अदा किया।
जव्वाद को गलत समझ रहे आजम
मौलाना हबीब हैदर ने आजम खां द्वारा मौलाना जव्वाद के खिलाफ बयानबाजी पर कहा कि आजम गलत समझ कर इस तरह के बयान दे रहे हैं।
यह लड़ाई शख्सियत की नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ है। इस मौके पर मौजूद मौलाना रजा हुसैन, मौलाना हसन जाफर, मौलाना शबाहत हुसैन व अन्य सभी उलमा ने आजम खां से वक्फ मंत्रालय वापस लेने की मांग की।
साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी व वक्फ बोर्ड की सीबीसीआईडी से जांच कराने की गुहार लगाई।
ये भी मांगे की मुस्लिमों ने
जो अन्य मांगे उठाई गईं उनमें शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव में एक लाख से अधिक आमदनी वाले वक्फ के 200 मुतवल्ली को वोटर लिस्ट में शामिल करने, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले व बेचने व कब्जा करने वाले मुतवल्ली को वोटर लिस्ट से बाहर करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर तत्काल कार्रवाई की बात शामिल है।
जव्वाद को धमकाया
नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने बुधवार को शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर फिर हमला बोला और चेतावनी भी दी।
उन्हें ढोंगी धर्मगुरु बताते हुए कहा कि ऐसे लोग अपनी हदें खुद तय करें वरना उन्हें हदों में रखना सरकार की जिम्मेदारी भी होगी और मजबूरी भी।
ढोंगी धर्मगुरू ने इस्लाम को अपमानित किया
आजम ने मौलाना जव्वाद का नाम लिए बिना कहा कि तथाकथित ढोंगी धर्मगुरु ने मुकद्दस धार्मिक मंच और मुकद्दस लिबास को जितना शर्मसार किया है, उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती।
उन्होंने बाबरी मस्जिद की शहादत को भी अपमानित किया है। उन्होंने छह दिसंबर को अपनी बेटी की शादी करके हिंदुस्तान और दुनिया भर के मुसलमानों को जिस तरह अपमानित किया है, उसके लिए धर्मगुरु को पूरी कौम से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
ट्रस्ट पर कुंडली मारे बैठे जव्वाद
आजम ने कहा, ढोंगी धर्मगुरु हुसैनाबाद ट्रस्ट पर कुंडली मारे बैठे हैं। उन्होंने खुद को नवाब वाजिद अली शाह समझ लिया है और मस्जिदों व इमामबाड़े वाले मुकद्दस मुकामात को अपनी नापाक सियासत का अड्डा बना लिया है।
आजम ने मौलाना से सवाल किया है कि पवित्र धार्मिक मंच से फासिस्टों की तारीफ करना, भाजपा नेताओं की सेहत और कामयाबी की दुआ करना तथा सेकुलर ताकतों को कमजोर करने जैसी दुआएं-बददुआएं करना कहां तक दुरुस्त है?
आजम ने यह कहते हुए कि मिल्लत का दुश्मन दीन का दोस्त नहीं हो सकता, मशविरा दिया है कि जब तक कथित धर्मगुरु के दामन से औकाफ की लूट का दाग नहीं छूट जाता, तब तक के लिए उन्हें अपनी पाक कबा और अमामा (पगड़ी) उतार देनी चाहिए।