पेशाब कांड पर सामाजिक संगठनों में गुस्सा
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काकोरी पेशाब कांड को लेकर बुधवार को काकोरी कस्बे में आक्रोश भड़क उठा। कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने काकोरी थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा, आरोपी पम्मू गुप्ता बीमारी का नाटक कर अस्पताल में ऐश कर रहा है, जबकि उसे जेल में होना चाहिए।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने थाने परिसर में ही धरना देकर पीड़ित रामपाल को न्याय दिलाने की मांग उठाई। थाने पर देर तक नारेबाजी होती रही और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
जानिए पूरा मामला
काकोरी क्षेत्र के हाता हजरत साहब वार्ड में हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यहां मंदिर परिसर में बैठे बुजुर्ग रामपाल रावत (65) के साथ केयरटेकर स्वामिकांत गुप्ता ने अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि आरोपी ने बुजुर्ग पर मंदिर परिसर में पेशाब करने का झूठा आरोप लगाते हुए न सिर्फ जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि पानी को पेशाब बताकर जबरन चटवाया।
घटना से आहत बुजुर्ग ने जब यह बात अपने परिजनों को बताई तो वे तत्काल थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामला सामने आने के बाद न केवल लखनऊ, बल्कि पूरे देश में इस अमानवीय कृत्य को लेकर गुस्से की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने बुजुर्ग के पक्ष में आवाज उठाई और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित रामपाल रावत से मिलने उनके घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया, पूर्व विधायक इंदल कुमार रावत, जिला अध्यक्ष रुद्रदमन सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष डॉ. शहजाद आलम, अमित श्रीवास्तव, पूर्व प्रवक्ता प्रदेश सचिव सचिन रावत, एससी-एसटी प्रकोष्ठ की सरलेश रावत और सिद्धिश्री रावत शामिल रहे। नेताओं ने पीड़ित रामपाल से मुलाकात कर उनके साथ हुए अत्याचार पर गहरा दुख जताया और हर संभव मदद के साथ आरोपी पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।