ज्योति एआई बनेगी दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की डिजिटल आंखें
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए अब ‘ज्योति एआई’ डिवाइस मददगार साबित होगी। रविवार को इस डिवाइस के उपयोग और कार्यप्रणाली को लेकर विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि विशेष शिक्षा विभाग की पहल पर शुरू की गई इस तकनीक में विज़ुअल आधारित सिस्टम है, जो आसपास के अवरोधों की जानकारी ऑडियो संकेतों के जरिए देता है। इससे उपयोगकर्ता बिना इंटरनेट के सुरक्षित रूप से मार्ग तय कर सकते हैं। इसमें दूरी के लिए दो, चार और आठ फुट के तीन विकल्प दिए गए हैं, जिन पर मौजूद खतरे को यह डिवाइस पहले ही भांप लेती है।
प्रशिक्षण का आयोजन विश्वविद्यालय के गोल्फ क्लब में किया गया। यह डिवाइस विद्यार्थियों को विवि की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य सुविधाएं
डिवाइस भारतीय मुद्रा, आम दवाओं और पारंपरिक वस्तुओं की पहचान करने में भी सक्षम है। टेक्स्ट और डॉक्यूमेंट को एआई तकनीक की मदद से ऑडियो में बदलकर छात्रों को सुनने और समझने में सुविधा मिलती है।
आपात स्थिति में तत्काल मदद
आपातकालीन सहायता के लिए इसमें एक विशेष बटन है, जिससे छात्र तुरंत सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। वीडियो कॉल सुविधा और एक बार चार्ज में पूरे दिन का बैकअप इस डिवाइस को और उपयोगी बनाता है।