सपा विधायक अभय सिंह (फाइल फोटो)
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जानलेवा हमले के एक मामले में सपा विधायक अभय सिंह को दोषमुक्त किए जाने के विरुद्ध दाखिल अपील पर सुनवायी के पश्चात सोमवार को फैसला सुरक्षित कर लिया गया। न्यायमूर्ति राजन रॉय की एकल पीठ ने अभय सिंह समेत सात अभियुक्तों की ओर से बहस के पश्चात फैसला सुरक्षित कर लिया। इसके पूर्व मामले के वादी विकास सिंह की ओर से पिछली सुनवायी पर ही बहस पूरी की जा चुकी थी।
उल्लेखनीय है कि उक्त अपील पर 20 दिसम्बर 2024 को ही दो जजों की खंडपीठ ने अपना फैसला सुना दिया था लेकिन दोनों जजों के फैसलों में फर्क था। खंडपीठ के एक न्यायमूर्ति ने जहां अभय सिंह को दोषी करार देते हुए, तीन साल कारावास की सजा सुनायी, वहीं दूसरे न्यायमूर्ति ने सत्र अदालत द्वारा अभय सिंह को दोषमुक्त किए जाने के फैसले को बरकरार रखा। फैसलों में फर्क के कारण मामले को तीसरे न्यायाधीश के समक्ष भेजा गया।
मामला अयोध्या जनपद के महाराजगंज थाने का है। अयोध्या में मुकदमा दर्ज कराते हुए, वर्ष 2010 में विकास सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके ऊपर अभय सिंह व उसके साथियों ने जानलेवा हमला किया। बाद में मामले की सुनवायी अम्बेडकर नगर कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी। 10 मई 2023 को अम्बेडकर नगर की कोर्ट ने अभय सिंह व अन्य आरोपियों को बरी कर दिया जिसके खिलाफ वादी विकास सिंह ने अपील दाखिल की थी।