अमित शाह हमेशा यह स्वीकार करते रहे हैं कि भाजपा वह पार्टी नहीं है, जो सिर्फ चुनाव के दौरान ही लोगों के बीच जाए। इसके बजाय भाजपा हर समय जनता के बीच रहकर उनकी अपेक्षाओं को समझकर उन्हें पूरा करना अपनी जिम्मेदारी समझती है। साथ ही राजनीतिक दल के नाते सांगठनिक जड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए सक्रिय रहना चाहती है। शाह की इस रणनीति का प्रदेश में भाजपा को लाभ भी मिला है।
नड्डा भी चूंकि शाह की तरह ही प्रदेश के प्रभारी रहने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। लिहाजा उनका भी शाह के फॉर्मूले पर मिशन-2022 की तैयारी के लिए मैदान में उतरना स्वाभाविक है। चूंकि इस समय पंचायत चुनाव होने हैं। इसलिए भाजपा ने इन चुनाव में भी पहली बार पूरी ताकत और गंभीरता से उतरने की तैयारी की है। नड्डा जानते हैं कि पंचायत चुनाव के सरोकारों का विस्तार विधानसभा चुनाव से ज्यादा है। इसलिए संभवत: उन्होंने इस मौके के सहारे 2022 की तैयारियों की शुरुआत की योजना बनाई है।
प्रदेश सरकार से लेकर संगठन तक पर मंथन
निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर यूपी का दौरा तय कर नड्डा ने यह बताने की कोशिश की है कि यूपी में संगठन व सरकार की मजबूती और उसके संदेशों का राष्ट्रीय स्तर पर कितना महत्व है। उनके दौरे के कार्यक्रम से स्पष्ट है कि उन्होंने ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉरमेंस’ व ’गुड गवर्नेंस’ के एजेंडे को इस दौरे में शीर्ष पर रखा है।
इस दौरान योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की पृष्ठभूमि तैयार होगी। लखनऊ पहुंचने के बाद वह सबसे पहले पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दूसरी बैठक राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ होगी। माना जा रहा है कि संगठन की बैठक में वह सरकार को लेकर जमीनी फीडबैक लेंगे। बाद में उस फीडबैक पर मंत्रियों के साथ बैठक कर वह उन्हें आगे का एजेंडा समझाएंगे।
नड्डा की पहले दिन ही कोर ग्रुप के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इसमें संगठन और सरकार के साथ बैठकों से निकले निष्कर्ष पर चर्चा होगी। दूसरे दिन शुक्रवार को उनकी बैठकों का सिलसिला लखनऊ महानगर और जिला के बूथ अध्यक्षों और चिनहट (मंडल) के कार्यकर्ताओं के साथ शुरू होगा। यह बैठक सिटी मांटेसरी स्कूल गोमती नगर में होगी।
इसके बाद नड्डा अवध और कानपुर क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, सांसदों और विधायकों के साथ बैठक कर सरकार व संगठन से मिली जानकारी के आधार पर सच्चाई समझने की कोशिश करेंगे। फिर उनका सोशल मीडिया वालेंटियर्स के साथ बैठक करके उन्हें और अधिक प्रभावी तरीके से काम करने की टिप्स देंगे। अंत में वह प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक कर समाज में भाजपा की पकड़ व पैठ की मजबूती मापने की कोशिश करेंगे।