साईं सेंटर में भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच कुलदीव व रेसलर विनेश फोगट व साक्षी।
- फोटो : amar ujala
रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली जिस साक्षी मलिक की सफलता पर आज पूरा भारत इतरा रहा है, उसकी इबारत लखनऊ के साई सेंटर में लिखी गई थी। साक्षी की साथी खिलाड़ियों ने बताया कि साक्षी के अंदर कुश्ती के प्रति जुनून है। दिन में 10-10 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भी वह थकती नहीं।
अक्सर कहती, तब तक बिना रुके पसीना बहाती रहूंगी, जब तक ओलंपिक में देश के लिए मेडल न जीत लूं। साई सेंटर में महिला पहलवानों और कुश्ती के प्रशिक्षकों ने गुरुवार को एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर साक्षी की जीत का जश्न मनाया।
साक्षी ने 2013 में यहां इंडिया कैम्प जॉइन किया था। पिछले तीन साल से वह यहां कड़ी ट्रेनिंग कर रही थी। शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो जब उसने ट्रेनिंग न की हो। कोच कृपाशंकर ने बताया कि साक्षी बेहद आक्रामक खिलाड़ी है।
उसकी एक ही कोशिश होती है कि सामने वाले को कैसे चित किया जाए। उसमें कुश्ती के अलग-अलग पैंतरों को देखकर सीखने की अद्भुत क्षमता है। वह एक बार जिस दांव को देखती, उसे तुरंत ही सीख लेती।