एक भाषा का दूसरी भाषा में आसानी से अनुवाद करने की क्षमता सिर्फ संस्कृत
में ही है। संस्कृत सीखने के बाद छात्रों के लिए अनुवादक के तौर पर एक
बेहतरीन नौकरी का विकल्प मौजूद है।
इसके लिए संस्कृत के साथ विदेशी भाषाओं
की जानकारी भी जरूरी है। यह जानकारी एक निजी संस्था के निदेशक वीर सनातन
पूर्वेन्दु राय ने संस्कृतभारती की ओर से संस्कृत सप्ताह पर आयोजित
कार्यक्रम में दी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, कला और
सौंदर्य सहित प्रशासनिक सेवाओं में संस्कृत को सहायक विषय के रूप में चुनकर
सफलता हासिल की जा सकती है।