गोसाईंगंज के पहाड़नगर टिकरिया गांव के पास इंदिरा नहर में बुधवार दोपहर मिले शव की पहचान बाराबंकी के सतरिख निवासी सर्राफ अर्पित निगम (24) के रूप में हुई है। अर्पित मंगलवार आधी रात से घर के पास ही रहने वाली छात्रा प्रीति सिंह के साथ संदिग्ध हालात में गायब था।
परिवारीजनों ने दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अर्पित के ममेरे भाई व सीआरपीएफ बिजनौर में उपनिरीक्षक संजय निगम ने ऑनर किलिंग की आशंका जताई है। उनका कहना है कि छात्रा के परिवारीजनों ने ही उसकी हत्या करके शव नहर में फेंक दिया।
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।बृहस्पतिवार देर शाम मॉर्च्युरी पहुंचे संजय निगम व अन्य परिवारीजनों ने अर्पित की जींस की जेब से मिली बाइक की चाबी और कलाई में पहने कड़े से शव की शिनाख्त की।
संजय ने बताया कि अर्पित के घर के सामने ही बिजौली के त्रिवेदीगंज निवासी संतोष सिंह की बेटी प्रीति सिंह किराये का कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। मंगलवार को प्रीति का जन्मदिन था। पार्टी में उसके परिवारीजन व दोस्त आए थे।
अर्पित को भी बुलाया गया था। रात करीब दस बजे अर्पित पार्टी से अपने घर चला गया था। परिवारीजनों ने बताया कि रात करीब तीन बजे प्रीति के भाई ने अर्पित को फोन कर घर बुलाया। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। सुबह उसे घर पर न देख परिवारीजनों ने खोजबीन की तो पता चला कि प्रीति भी लापता है।
जताई आॅनर किलिंग की आशंका
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परिवारीजनों ने उनकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। इस बीच बुधवार दोपहर लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में इंदिरानहर में युवक का शव मिलने से सनसनी मच गई। पुलिस ने शव बाहर निकलवाया लेकिन, पहचान नहीं हो सकी।
युवक के शरीर पर सिर्फ जींस थी। जेब में बाइक की चाबी और कलाई में कड़ा पहना हुआ था। पुलिस ने जनपद के थानों से लापता युवकों के बारे में जानकारी एकत्र करने के साथ ही आसपास के जिलों से सूचना मंगाई। बृहस्पतिवार शाम बाराबंकी से आए लोगों ने अर्पित के शव की शिनाख्त कर ली।
संजय निगम का कहना है कि अर्पित के चेहरे पर काफी चोटें हैं जिससे उसकी हत्या के बाद शव नहर में फेंकने की आशंका लग रही है। उन्होंने आशंका जताई कि शायद अर्पित और प्रीति एक-दूसरे को पसंद करते थे जिसके बारे में प्रीति के परिवारीजनों को पता चल गया था।
इसी कारण से अर्पित को आधी रात को घर से बुलाकर उसकी हत्या कर दी गई। हो सकता है कि प्रीति के परिवारीजनों ने उसकी भी हत्या कर दी हो अथवा उसे कहीं छिपा दिया हो। उन्होंने ऑनर किलिंग की आशंका जताते हुए गहराई से जांच की मांग की है।
पुलिस सतर्क होती तो शायद बच जाती जान
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संजय ने बाराबंकी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परिवारीजनों ने गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
परिवारीजनों ने प्रीति की बर्थडे पार्टी में जाने और घर लौटने के बाद उसे दोबारा बुलाए जाने के बारे में बताया, इसके बाद भी पुलिस ने प्रीति के परिवारीजनों से पूछताछ की जरूरत नहीं समझी।
अगर पुलिस प्रीति के परिवारीजनों को पकड़कर पूछताछ करती तो शायद अर्पित की जान बचाई जा सकती थी। परिवारीजनों का कहना है कि जब वह अर्पित की तलाश कर रहे थे, उस वक्त प्रीति का भाई भी साथ में था।
वह अर्पित को ढूंढने का बहाना कर रहा था जबकि उसने व उसके परिवारीजनों ने ही अर्पित को मारकर नहर में फेंका था। अर्पित का शव मिलने के बाद परिवारीजन घर पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं। अर्पित पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। वह फैजाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी प्रथम वर्ष की पढ़ाई भी कर रहा था।