जेवर इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पहले चरण को 2020 में दुनिया के 100 रणनीतिक ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इसको लेकर अमेरिका के न्यूयार्क में 25 से 27 मार्च तक होने वाले 13वें ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप फोरम में यूपी सरकार को आमंत्रित किया गया है। फोरम में प्रदेश सरकार के अधिकारी जेवर एयरपोर्ट के लिए अल्प समय में भूमि अधिग्रहण से लेकर निविदा पूरी करने तक की सफलता बताएंगे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि एविएशन के क्षेत्र में यूपी और सर्बिया के प्रोजेक्ट को चुना गया है। करीब दो दशक से लंबित चल रही जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की परियोजना को योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही रफ्तार दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना के लिए दो वर्ष से कम समय में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को पूरा कराने के साथ ग्लोबल टेंडर किया और अपेक्षा से अधिक दर पर ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को इसका टेंडर भी दिया। जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
यह एयरपोर्ट एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बन रही इस परियोजना से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इस एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेस-वे के करीब नए उद्योग स्थापित होने से एक लाख करोड़ रुपये का निवेश भी आएगा। इससे अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। 2022-23 में यहां से फ्लाइट्स का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
नया शहर बसाएंगे
एयरपोर्ट के पास एक शहर बसाया जाएगा। यहां घर, दफ्तर और बाजार सभी आसपास होंगे। क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी की थीम पर बसने वाले इस शहर में यूरोपीय देशों का प्रभाव दिखेगा।