राजधानी में अब 40 मीटर से अधिक दूरी पर बांस-बल्ली पर बिजली कनेक्शन जारी हुआ तो सीधे इलाकाई जूनियर इंजीनियर (जेई) सस्पेंड होंगे।
जांच में बिजली कनेक्शन कॉमर्शियल पाया गया तो लपेटे में उपखंड अधिकारी भी आएंगे। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है।
शुक्रवार को जेई पर कार्रवाई का यह फैसला सेस प्रथम, सेस द्वितीय, मोहनलालगंज, बीकेटी, चिनहट, मुंशी पुलिया खंड के एक्सईएन की बैठक में प्रबंध निदेशक ने लिया।
गौरतलब है कि सेस खंड प्रथम के बिजनौर इलाके में जूनियर इंजीनियर के द्वारा 300-400 मीटर पर बिजली कनेक्शन जारी किए जाने की शिकायत आमिर अली ने 7 मई को सीधे एमडी से की थी।
इस शिकायत को संज्ञान में लेकर एमडी ने शुक्रवार को एक्सईएन को निर्देशित किया कि तत्काल प्रभाव से बांस-बल्ली पर दिए जाने वाले बिजली कनेक्शन पर रोक लगाई जाए।
इसके लिए जारी किए गए कनेक्शन स्थल का औचक निरीक्षण हो। इसमें बांस-बल्ली पर कनेक्शन पाए जाए तो संबंधित अधीक्षण अभियंता सहित उच्च अफसरों को रिपोर्ट भेजे। इस रिपोर्ट पर अधीक्षण अभियंता जेई को सस्पेंड कर मुख्य अभियंता को अवगत कराएंगे।
एमडी ने खासतौर पर सेस प्रथम, सेस द्वितीय, मोहनलालगंज, बीकेटी के अधीक्षण अभियंता हर्ष मुंशी को निर्देशित किया कि कनेक्शन स्थल से आवेदक के घर या दुकान की दूरी 40 मीटर से अधिक हो तो उसका एस्टीमेट आवेदकों से जमा कराया जाए।
बालागंज एवं डालीगंज क्षेत्र में शुक्रवार को घंटो बिजली गुल रही। डालीगंज में बिजली संकट से समय से पहले बाजार बंद हो गया। यह बिजली संकट हाईटेंशन लाइन के टूटने एवं ट्रांसफार्मर की खराबी से हुआ।
लोगों ने बताया कि डालीगंज बाजार, मुंशीगंज, रेलवे क्रॉसिंग के निकट के इलाकों में दोपहर 12 बजे से रात 8:30 बजे तक बिजली संकट रहा। रात को जब कारोबारी जब उपकेंद्र पहुंच गए तब तार को सही किया गया।
वहीं, विशालखंड में ट्रांसफार्मर खराब हो गया। जबकि 11 केवी लाइन में खराबी से मौलवीगंज में बिजली बंद रही। बालागंज निवासी राहुल निगम ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तीन बजे बिजली अचानक चली गई।
काफी देर इंतजार के बाद जब बिजली नहीं आई तो लोगों ने हेल्प लाइन फोन किया, मगर अधिकारियों ने उपभोक्ताओं का फोन ही नहीं उठाया। वहीं, रखरखाव कार्य के चलते नाका, चारबाग सहित कई इलाके में बिजली नहीं आई।
उधर, अमीनाबाद एक्सईएन के अनिल कुमार ने शुक्रवार को मुमताज मार्केट में बिजली चोरी पकड़कर राजू से 10 हजार रुपये का शुल्क जमा कराया।